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सातारा विवाद को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में हुई चर्चा

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मुंबई, 24 मार्च (हि.स.)। सातारा ज़िला परिषद अध्यक्ष के चुनाव को लेकर महायुति में तनाव जारी है। विधान भवन में हुए हंगामे के बाद मामले के निपटारे के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार की देर रात चर्चा हुई। शिंदे ने कहा कि बड़ा भाई होने के नाते हम भाजपा का सम्मान करने करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

सातारा जिला परिषद में भाजपा द्वारा शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) के 5 सदस्यों को अपने पाले कर सत्ता बनाने के मुद्दे को लेकर महायुति में नाराजगी जारी है. सोमवार को विधानसभा और विधान परिषद में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। शिंदे गुट और एनसीपी नेताओं की पुलिस द्वारा पिटाई के मुद्दे पर विधानसभा में ज़ोरदार बहस हुई थी। शिंदे गुट के विधायकों ने सातारा के पुलिस सुपरिटेंडेंट तुषार दोशी और संबंधित पुलिस के ख़िलाफ़ एक्शन की मांग की थी। बहस तब और बढ़ गई जब विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने दोशी को सस्पेंड करने का निर्देश दिया। हालांकि सभापति राम शिंदे ने इस निर्देश को टाल दिया, जिससे भ्रम का माहौल बन गया। इस बीच विधान भवन की सीढ़ियों पर शिंदे गुट और एनसीपी के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।

मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर सोमवार की देर रात हुई बैठक में इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस ने नाराजगी जताई। उन्होंने सातारा के राजनीतिक हालात और शिवसेना की भूमिका पर सवाल उठाए। बताया जाता है कि शिंदे ने साफ़ चेतावनी दी है कि बड़े भाई के तौर पर हम भाजपा से तालमेल की उम्मीद है, लेकिन ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और शिंदे गुट के बीच शुरू हुआ यह विवाद शांत होता है या बढ़ता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार