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ठाणे रिंग मेट्रो संबंधी शंकाए चर्चा से दूर होंगी-विधायक माधवी

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मुंबई ,03 अगस्त (हि. स. ) । ठाणे रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर ठाणे के आम लोगों के शक और डर को सीधे लोगों से बातचीत करके दूर किया जाएगा। विधान परिषद विधायक एडवोकेट माधवी नाइक के सुझाव के बाद, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने महामेट्रो के अधिकारियों को रिंग मेट्रो रूट से गुजरने वाले अलग-अलग इलाकों के लोकल लोगों और लोगों से मिलकर बातचीत करने का निर्देश दिया है।

ठाणे शहर में रिंग मेट्रो रेलवे के काम का जायजा लेने के लिए मुंबई के सह्याद्री रेस्ट हाउस में उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक, सांसद नरेश म्हस्के, विधायक माधवी नाइक, निरंजन डावखरे, विधायक रवींद्र फाटक मौजूद थे। मीटिंग में महामेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण हार्डिकर ने लोगों को विष्ट में जानकारी दी।

उल्लेखनीय ठाणे शहर की बढ़ती आबादी की वजह से रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट ज़रूरी है। लेकिन, महामेट्रो, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन या किसी भी सरकारी संस्था की तरफ़ से आम लोगों को इस प्रोजेक्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इस वजह से ठाणे शहर में इस प्रोजेक्ट को लेकर गलतफ़हमियां पैदा हो गई हैं। इस पृष्ठभूमि में, ठाणे शहर की आम जनता, लोकल लोगों के प्रतिनिधियों और जानकारों से बात करने की ज़रूरत है। उनके शक दूर करने की ज़रूरत है। रिंग मेट्रो के काम से ठाणे के लोगों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि फ़ायदा होगा। ठाणे के लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर भरोसा बनाने की ज़रूरत है। इसलिए, ठाणे के अलग-अलग इलाकों और प्लान किए गए मेट्रो स्टेशनों पर सेमिनार किए जाने चाहिए। MLA एडवोकेट माधवी नाइक ने सुझाव दिया कि महामेट्रो के अधिकारी इसमें जानकारी दें। उप मुख्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे मंज़ूरी दे दी। इसके मुताबिक, ठाणे शहर के लोगों से सीधे बातचीत करने के लिए जल्द ही सेमिनार किए जाएंगे। साथ ही, गणेश चतुर्थी के त्योहार के दौरान, महामेट्रो रिंग मेट्रो के बारे में बिलबोर्ड लगाएगा।

इधर मैनेजिंग डायरेक्टर श्रवण हार्डिकर ने मीटिंग में भरोसा दिलाया कि अगर ठाणे रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी ज़मीन अधिग्रहण और दूसरी टेक्निकल बातें पूरी हो जाती हैं, तो यह प्रोजेक्ट सिर्फ़ साढ़े तीन साल में पूरा हो जाएगा। पुणे मेट्रो पर ढाई साल में तेज़ रफ़्तार से काम हुआ। हार्डिकर ने उम्मीद जताई कि ठाणे का काम भी इसी तरह पूरा हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा