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प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में गड़बड़ी, आवाज फाउंडेशन ने की कार्रवाई की मांग

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मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मुंबई में वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए लगाए गए मॉनिटरों की रीडिंग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। आवाज फाउंडेशन ने सरकारी निगरानी केंद्रों के आंकड़ों से उनकी तुलना करके गंभीर आरोप लगाए हैं। फाउंडेशन ने प्रदूषण के गलत आंकड़े देने वाले केंद्रों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

आवाज फाउंडेशन ने 38 दिनों में 230 बार डिस्प्ले की तस्वीरें लेकर सरकारी केंद्रों के आंकड़ों से उनकी तुलना की है। जांच में कहीं प्रदूषण का स्तर शून्य, तो कहीं 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम दिखाया गया है। दूसरी ओर नजदीकी सरकारी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया। संस्था ने मॉनिटरों की जांच, गलत आंकड़े दिखाने वाले निर्माण स्थलों पर कार्रवाई और 40 से अधिक वायु प्रदूषण निगरानी वैन की नियमित तैनाती की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखा गया है।

आवाज फाउंडेशन ने मार्च-मई और सितंबर-अक्टूबर के दौरान बांद्रा और खार के निर्माण स्थलों पर लगे डिस्प्ले की तस्वीरें लीं. 23 मार्च से 5 मई के बीच 26 दिनों के आंकड़ों की तुलना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर उपलब्ध खेरवाड़ी और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के सरकारी निगरानी केंद्रों की रीडिंग से की गई। जिन 25 दिनों का सरकारी डेटा उपलब्ध था, उनमें 8 दिनों में किसी एक केंद्र पर पीएम10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर या उससे अधिक दर्ज हुआ। पाली हिल में नर्गिस दत्त रोड के पास निर्माण स्थल पर लगे मॉनिटर ने 13 और 24 अप्रैल को पीएम2.5 का स्तर शून्य दिखाया। इसी तरह 24 अप्रैल को पीएम10 की रीडिंग भी शून्य थी। वहीं, 13 अप्रैल को पीएम2.5 शून्य और पीएम10 का स्तर 34 दर्ज किया गया।

जांच में 26 में से 16 दिनों पर कम से कम एक मॉनिटर ने पीएम2.5 का स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम दिखाया। ऐसी कुल 37 रीडिंग मिलीं. 29 और 31 मार्च को छह में से 5 मॉनिटरों पर स्तर शून्य से 9 के बीच था। 7 अप्रैल को 5 में से 4 और 3 अप्रैल को 5 में से तीन मॉनिटरों पर भी यही स्थिति रही। विश्व स्वास्थ्य संगठन का 24 घंटे के लिए पीएम2.5 का दिशानिर्देश 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। इसके बावजूद सक्रिय निर्माण स्थलों पर प्रदूषण का स्तर बेहद कम दिखाया गया। दूसरी ओर, 3 अप्रैल की सुबह खेरवाड़ी में पीएम10 का स्तर 91 और बीकेसी में 133 दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार