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उपमुख्यमंत्री शिंदे ने दिया पार्टी नेताओं को गठबंधन धर्म निभाने का निर्देश

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मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में पुणे शिक्षक सीट भाजपा के खाते में जाने के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) में नाराजगी सामने आई है। पुणे में पार्टी पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और उन्हें स्नातक चुनाव क्षेत्र के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षक सीट न मिलने पर नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार शिंदे ने पदाधिकारियों को गठबंधन धर्म निभाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में उद्योग मंत्री उदय सामंत, पुणे के पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर और पार्टी के अन्य नेता मौजूद थे।

राज्य में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी। इनमें पुणे शिक्षक, पुणे स्नातक, अमरावती शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और नागपुर स्नातक चुनाव क्षेत्र शामिल हैं। इस चुनाव में महायुति और महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों की बगावत की वजह से अधिकृत उम्मीदवारों के लिए चुनौती खड़ी हो गई थी। शिंदे सेना ने पुणे शिक्षक चुनाव क्षेत्र पर दावा किया था। मंगेश चिवटे इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। महायुति में यह सीट भाजपा को मिलने के बाद भी चिवटे ने अपना नॉमिनेशन फाइल किया था। हालांकि नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन शिंदे के कहने पर उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया। इस तरह भले ही भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े की संभावित समस्या हल हो गई है, लेकिन शिवसैनिकों में नाराजगी की तस्वीर बनी हुई है।

इधर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के भैया माने ने भी पुणे स्नातक चुनाव क्षेत्र से अपना नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा उम्मीदवार स्मिता जाधव के लिए प्रचार करेंगे। भले ही महायुति में बगावत शांत हो गई है, लेकिन शिंदे सेना के सामने सीट बंटवारे से पैदा हुई नाराजगी को दूर करने की चुनौती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार