त्योहारों में जहरीले पटाखों पर पाबंदी लगाने की मांग
मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन में फोड़े जाने वाले पटाखों को लेकर आवाज उठी है। बाजारों में बिक रहे पटाखों की जांच करने के बाद आवाज फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है और जहरीले पटाखों पर तत्काल पाबंदी लगाने की मांग की है।
फाउंडेशन ने पर्यावरण व वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए कहा है कि देवी विसर्जन, दशहरा, गुरु नानक जयंती, क्रिसमस और नए साल जैसे कई त्योहार आने वाले हैं। इस पर्व में सार्वजनिक जगहों पर अक्सर पटाखे फोड़े जाते हैं. मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि पटाखों पर लगी रोक को बिक्री और इस्तेमाल सहित हर स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए। मुंबई पुलिस के आदेशानुसार मुंबई में सार्वजनिक जगहों पर पटाखे फोड़ने पर रोक है। 'आवाज़ फाउंडेशन' ने मोहम्मद अली रोड और कुर्ला से पटाखे खरीदे। इन पटाखों में मौजूद केमिकल जहरीले पाए गए हैं. जांच किए गए 17 पटाखों में से कई में ज़हरीले केमिकल पाए गए, जिनमें बेरियम की मात्रा बहुत ज़्यादा थी। हालांकि सभी पर 'ग्रीन क्रैकर्स' का निशान था, लेकिन कुछ पर क्यूआर कोड नहीं थे और जिन पर क्यूआर कोड थे, उनमें से कुछ की जांच करने पर वे नकली पाए गए।
पुलिस और मनपा पटाखों के सभी डिस्ट्रीब्यूशन आउटलेट को लाइसेंस देते हैं। ऐसे पटाखे जिन पर नकली क्यूआर कोड छापकर गलत तरीके से 'ग्रीन' लेबल लगाया गया है, या जिनमें खतरनाक और प्रतिबंधित केमिकल हैं, उन्हें बांटा, बेचा या इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। नागरिकों की सेहत को प्रथामिकता देना जरूरी है. खासकर सर्दियों में जब मौसम की वजह से प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो जाते हैं और आसानी से सांस के ज़रिए शरीर में चले जाते हैं. राज्य सरकार की वायु प्रदूषण से लोगों की सेहत की रक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। मुंबई में एक्यूआई का स्तर पिछले महीने के तुलना में बढ़ गया है।
आवाज फाउंडेशन की मुखिया सुमैरा अब्दुलअली के अनुसार मुख्यमंत्री का ध्यान गणपति उत्सव के दौरान लाउडस्पीकर, पटाखों और लेजर लाइट के इस्तेमाल की ओर दिलाया गया था। हम अनुरोध करते हैं कि नवरात्रि, माहिम मेला और अन्य त्योहारों के दौरान भी पटाखों, लेजर लाइट और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर इसी तरह रोक लगाई जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

