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कूपर व सायन अस्पताल में एक्स-रे मशीन खरीदी मामले की जांच की मांग

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मुंबई, 30 अगस्त (हि.स.)। कूपर और सायन अस्पताल में एक्स-रे मशीनों की खरीद में दो साल की देरी को लेकर सवाल उठे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने इस मामले में अतिरिक्त मनपा आयुक्त विपिन शर्मा की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखा है।

बीएमसी आयुक्त भिड़े को लिखे पत्र में रईस शेख ने कहा है कि दोनों मशीनों की अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये थी। टेंडर प्रक्रिया में एक जापानी कंपनी कोनिका मिनोल्टा ने जवाब दिया था। उस समय के अतिरिक्त मनपा आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) की मंजूरी के बाद खोली गई इस कंपनी की प्राइस-बिड अनुमानित कीमत से 19 प्रतिशत कम थी। जब फ़ाइल 'डीएल' प्रक्रिया के लिए भेजी गई, तो अतिरिक्त मनपा आयुक्त ने टेंडर रद्द करने का निर्देश दिया। इस फैसले से बिना किसी सही वजह के दो जरूरी मशीनें खरीदने की प्रक्रिया में बेवजह देरी हुई। एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन के लिए चीनी कंपनी 'माइंड्रे' का अकेला टेंडर मंजूर किया गया था। ऐसा लगता है कि जापानी कंपनी को गलत तरीके से टारगेट किया गया है। सायन और कूपर हॉस्पिटल के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड और डीन ने इन मशीनों की जरूरत बताई थी। इमरजेंसी और ट्रॉमा केस, पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट, ऑपरेटिंग रूम और इंटेंसिव केयर यूनिट के लिए इन मशीनों की आवश्यकता थी।

सपा विधायक शेख ने आरोप लगाया है कि डायग्नोसिस के लिए जरूरी उपकरणों की कमी के कारण मरीजों की जान को खतरा है। कई लोगों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है। मरीजों को इलाज में देरी झेलनी पड़ रही है और निजी हॉस्पिटल में अपनी हैसियत से ज़्यादा खर्च करना पड़ रहा है। यह सिर्फ प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि मुंबई में पब्लिक हेल्थ के लिए सीधा खतरा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार