छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर संजय राऊत का हमला, 20 जुलाई को बताया ‘कायरता दिवस’
मुंबई, 21 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 20 जुलाई को ‘कायरता दिवस’ घोषित करने की मांग की है।
संजय राऊत ने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने गोली चलवाई थी, जबकि आज के समय में भाजपा सरकार के “जनरल कायर” ने युवाओं पर लाठीचार्ज किया।
राऊत ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान बच्चियों की चीखें देखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के अपने बच्चे विदेशों में सुरक्षित हैं, वे भारत में बच्चों की तकलीफों को नहीं समझ सकते।
उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और कुछ प्रदर्शनकारियों से भी बातचीत की। राऊत ने कहा कि प्रदर्शनकारी उस शाम जंतर-मंतर पहुंचे थे और आगे भी वहां जाएंगे।
संजय राऊत ने कहा कि देश के युवाओं में गुस्से की लहर है और यह लोकतंत्र की आवाज है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यार्थियों पर बेरहमी से कार्रवाई की गई, जिसमें लाठीचार्ज, आंसू गैस और हिंसक बल प्रयोग शामिल है।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर की घटना ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद दिला दी है और लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

