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265 तहसीलों के किसानों के लिए क्रॉप लोन रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा

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मुंबई, 01 अक्टूबर (हि.स.)। पहले फेज में राज्य की 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है. अब राज्य सरकार ने इन तहसीलों में खरीफ 2026 में लिए गए शॉर्ट-टर्म क्रॉप लोन को मीडियम-टर्म लोन में रीस्ट्रक्चर करने की मंजूरी देकर राहत दी है। साथ ही खेती से जुड़े लोन की रिकवरी भी रोक दी जाएगी. सहकारिता विभाग ने इस आशय का शासनादेश जारी कर दिया है।

खरीफ क्रॉप लोन चुकाने का समय 31 मार्च है, इसलिए प्रभावित तहसीलों के उन किसानों को निर्देश दिए गए हैं जो तय समय में अपना क्रॉप लोन नहीं चुका पाएंगे। ऐसे किसानों की सहमति से साल 2026-27 खरीफ सीजन के लिए क्रॉप लोन को मीडियम-टर्म लोन में रीस्ट्रक्चर किया जाए। स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया सभी बैंकों की ओर से 30 अप्रैल 2027 तक पूरी कर ली जानी चाहिए। इस बीच मंगलवार को सूखा राहत पर कैबिनेट उप-समिति की बैठक के बाद, राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि 43 और तहसीलों को सूखा प्रभावित सूची में शामिल किया गया है। हालांकि सरकार ने अभी तक इन 43 तहसीलों की सूची तैयार नहीं की है। इन 43 तहसीलों के बारे में घोषणा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कुछ मंत्रियों द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के बाद की थी। उनके तहसील पहली सूची में शामिल नहीं थी।

सरकारी परिशिष्ट के अनुसार ठाणे विभाग में रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग; नासिक संभाग में नासिक, धुले, जलगांव, नंदुरबार और अहिल्यानगर; पुणे संभाग में पुणे, सोलापुर, सांगली और सतारा; छत्रपति संभाजीनगर विभाग में कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव, नांदेड़, परभणी और हिंगोली; अमरावती विभाग में बुलढाणा, अमरावती, अकोला, वाशिम व यवतमाल ज़िला और नागपुर विभाग में वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली ज़िले में कुल 265 तहसील शामिल हैं। सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार के साथ-साथ स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी और संबंधित बैंकों को सरकारी सर्कुलर को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार