प्रदूषण फैलानेवाली बेकरियों पर गिरेगी गाज, एक्शन में बीएमसी प्रशासन
मुंबई, 24 अक्टूबर (हि.स.)। : पिछले कुछ दिनों से मुंबई शहर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। मुंबईकरों की स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले को लेकर अब मुंबई महानगरपालिका एक्शन में आ गई है। वायु प्रदूषण में योगदान देने वाली बेकरियां अब मनपा के निशाने पर आ गई हैं। मुंबई मनपा ने इन बेकरियों को बिना नोटिस दिए सीधे बंद करने का फैसला लिया है।
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मनपा ने साल 2024 में 28 सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए थे। यदि निर्माण स्थलों पर नियमों पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधितों को नोटिस जारी किए जाते हैं। सड़कों पर धूल को कंट्रोल करने के लिए मैकेनिकल स्वीपर और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। कचरा जलाने, सड़क की धूल का गलत इस्तेमाल करने जैसे कई मामलों में जुर्माना लगाया जा रहा है। मुंबई के वायु प्रदूषण के पीएम 10 कंपोनेंट में बेकरी का हिस्सा लगभग 3.5 प्रतिशत है। इसलिए मनपा ने बेकरी से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर भी ध्यान दिया है।
मुंबई में कुल 593 बेकरी हैं। इनमें से 354 बेकरी लकड़ी और कोयले से चल रही हैं। करीब 175 बेकरी को क्लीन फ्यूल में बदला जा चुका है। 69 बेकरी को क्लीन फ्यूल में बदलने का प्रोसेस चल रहा है और 8 बेकरी बंद कर दी गई हैं। साथ ही 87 बेकरी गैर-कानूनी तरीके से चल रही हैं और मनपा ने उन्हें नोटिस जारी किया है। बेकरी को क्लीन फ्यूल में बदलने के लिए लोगों को जागरूक करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। मनपा अधिकारियों के अनुसार बेकरी चालकों को बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद भी प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। अब मनपा ने सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। अब नियमों का उल्लंघन करने वाली बेकरी को बिना कोई नोटिस दिए सीधे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कार्यवाही चल रही है।
इधर बेकरी चालकों का कहना है कि पारंपरिक फ्यूल से क्लीन फ्यूल में बदलने के लिए बेकरी में जरूरी बदलाव करने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च आता है। यदि मनपा की कार्रवाई के कारण बिजनेस सीधे बंद हो जाता है, तो बेकरी चालकों के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

