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देश का पहला ऑटोमेटेड ई-ऑर्डर मॉड्यूल लागू

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मुंबई, 24 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र ने कई सुधारों के साथ देश में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में बड़े बदलाव किए हैं। इन सुधारों में महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। इसका एक उदाहरण 'महा e-HRMS' सिस्टम है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया है कि यह सिस्टम डायनामिक एडमिनिस्ट्रेशन का चेहरा होगा। उन्हें इस बात पर गर्व है कि महाराष्ट्र ने देश के सामने डिजिटल पावर की एक और बड़ी सक्सेस स्टोरी पेश की है।

महाराष्ट्र सरकार के डिजिटल ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम 'महा e-HRMS', 'महा-IAS' और 'मेंटर मेंटे पोर्टल' को मुख्यमंत्री फडणवीस ने सह्याद्री स्टेट गेस्ट हाउस में सोमवार को लॉन्च किया। इस मौके पर देश के पहले ऑटोमेटेड मॉड्यूल के साथ एआई पर आधारित असिस्टेंट 'जिज्ञासा' को भी लागू किया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकारी सिस्टम में काम करते हुए अधिकारी और कर्मचारी सरकारी फैसलों, नियमों व 'टिक मार्किंग' के सिस्टम में फंस जाते हैं। यह सरकारी प्रक्रिया रीस्ट्रक्चरिंग यानी जीपीआर के तहत लागू किए जा रहे बड़े प्रशासनिक रिफॉर्म्स का पहला चरण है। यह पहल एक सदी से भी ज्यादा समय से चली आ रही पेपर-बेस्ड प्रशासनिक प्रोसीजर और सेवा बुक के मेंटेनेंस को मॉडर्न, आसान, तेज और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाने के लिए जरूरी है। यह राज्य सरकार द्वारा लगभग दो साल पहले शुरू की गई गवर्नमेंट प्रोसेस रीस्ट्रक्चरिंग पहल और प्रस्तावित इंटीग्रेटेड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम का एक अहम हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में काम करते समय 'मोटिवेशन' मिलना ज़रूरी है। इससे काम के प्रति उत्साह बना रहता है। सरकारी सेवाओं में प्रमोशन भी 'मोटिवेशन' है। इस सिस्टम की वजह से प्रमोशन प्रक्रिया में तेज़ी आई है। सरकारी सेवाओं में नियुक्ति आदेश से लेकर रिटायरमेंट डॉक्यूमेंट तक पूरा सिस्टम डिजिटल फॉर्म में आ गया है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा सहित संबंधित विभागों के मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार