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वसई-विरार में बने कोविड-19 हैंडवॉश स्टेशनों को सार्वजनिक प्याऊ में बदला जाए: तिवारी

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वसई-विरार में बने कोविड-19 हैंडवॉश स्टेशनों को सार्वजनिक प्याऊ में बदला जाए: तिवारी


मुंबई, 19 अक्टूबर, (हि. स.)। कोविड-19 महामारी के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) की ओर से विभिन्न स्थानों पर हैंडवॉश स्टेशन स्थापित किए गए थे। इन पर हुआ खर्च महानगरपालिका की सार्वजनिक निधि से किया गया था। परंतु वर्तमान में ज्यादातर हैंडवॉश स्टेशन उचित देखभाल एवं मरम्मत के अभाव में जर्जर अवस्था में हैं और उपयोग में नहीं आ रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर वसई-विरार शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्याध्यक्ष रतन तिवारी ने महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. और महापौर अजीव पाटील को पत्र देकर इन अनुपयोगी हैंडवॉश स्टेशनों को सार्वजनिक प्याऊ में परिवर्तित करने की मांग की है।कांग्रेस कार्याध्यक्ष रतन तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि सार्वजनिक निधि से निर्मित इन सुविधाओं का उपयोग न हो पाना उचित नहीं है। महानगरपालिका को ऐसे सभी हैंडवॉश स्टेशनों का सर्वेक्षण कराना चाहिए और जहां तकनीकी एवं प्रशासनिक रूप से संभव हो, वहां स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करते हुए उन्हें सार्वजनिक प्याऊ के रूप में विकसित करना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस पहल से पैदल चलने वाले नागरिकों, मजदूरों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, पहले खर्च किए गए सार्वजनिक धन का सदुपयोग होगा और मौजूदा सुविधाओं का पुनः जनहित में उपयोग किया जा सकेगा। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।रतन तिवारी ने संबंधित अधिकारियों से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उन्होंने पत्र के साथ जीर्ण एवं अनुपयोगी हैंडवॉश स्टेशनों की तस्वीरें भी संदर्भ के लिए संलग्न की हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार