केईएम अस्पताल का नाम बदलने पर विवाद गहराया, विरोध में उतरा ठाकरे गुट
मुंबई, 27 अप्रैल (हि.स.)। परेल स्थित मुंबई मनपा द्वारा संचालित केईएम अस्पताल का नाम बदलने को लेकर सियासत गरमा गई है। इसके विरोध में शिवसेना (यूबीटी) उतर गया है। शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी है कि इतिहास बदलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल का नमा किसी भी हालत में बदला नहीं जाना चाहिए।
सोमवार को मुंबई मनपा में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर और स्थानीय विधायक अजय चौधरी सहित कई नगरसेवकों के एक जनप्रतिनिधि मंडल ने केईएम अस्पताल की डीन डॉ. संगीता रावत से मुलाकात की और नाम बदलने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा। किशोरी पेडणेकर ने कहा कि मुंबई के हितों की अनदेखी की जा रही है. एडवर्ड के योगदान से यह अस्पताल बना था। नाम बदलने की मांग करने वालों के पूर्वज उस समय कहां थे। पैसे के दम पर इतिहास बदलने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केईएम अस्पताल का 100 साल से अधिक पुराना इतिहास है। ऐसे ऐतिहासिक विरासत वाले अस्पताल का नाम नहीं बदला जा सकता। प्रस्ताव के अनुसार अस्पताल का नाम कौशल्या श्रेष्ठ एकलव्य स्मारक अस्पताल रखने का विचार है। यह निर्णय जल्दबाजी में और बिना उचित प्रक्रिया के लिया गया है। वर्ष 1926 में एक परोपकारी व्यक्ति के योगदान से इस अस्पताल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यूबीटी के विधायक अजय चौधरी ने आरोप लगाया कि अस्पताल के नाम बदलने के पीछे कुछ लोगों का स्वार्थ छिपा है। मुंबई को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है। दबाव और दादागिरी के जरिए ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं। यदि हिम्मत है, तो जिन्होंने टॉवर बनाए हैं, उनमें से एक टॉवर धर्मार्थ अस्पताल के लिए दें और उसका नाम जो चाहें रखें। जल्द ही मनपा आयुक्त से मुलाकात कर सैकड़ों नागरिकों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

