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बारामती से कांग्रेस ने नामांकन लिया वापस

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मुंबई, 09 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस ने बारामती विधानसभा उपचुनाव से आखिरकार अपने उम्मीदवार अशोक मोरे का नाम वापस ले लिया है। यह जानकारी पार्टी प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी। उन्होंने कहा कि हमने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया है।

बारामती उपचुनाव निर्विरोध कराने की कोशिशें चल रही थी। सुनेत्रा पवार ने इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटा) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे, हर्षवर्धन सपकाल से समर्थन की अपील की थी। गुरुवार को नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख थी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सपकाल को फोन करके नामांकन वापस लेने का अनुरोध किया। इस बीच शरद पवार और सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से अनुरोध किया।आखिरकार सपकाल ने घोषित किया कि पार्टी अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले रही है। उपचुनाव से कांग्रेस के हटने से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की राह आसान हो गई है। मुंबई में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सपकाल ने बताया कि पार्टी ने बारामती से अपने प्रत्याशी का नामांकन वापस लेने का नर्णय लिया है। पार्टी से आदेश मिलने के बाद आकाश मोरे ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। सपकाल ने साफ किया कि पार्टी नाम वापस ले रही है, लेकिन किसी को सपोर्ट नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुनेत्रा पवार ने 5 तारीख को और उसके बाद कई बार फोन करके उनसे नामांकन वापस लेने का अनुरोध किया था। छगन भुजबल और धनंजय मुंडे समेत अजित पवार गुट के दूसरे नेताओं ने भी नाम वापस लेने की कोशिश की थी। रोहित पवार ने भी ऐसी ही रिक्वेस्ट की थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रिया सुले और शरद पवार ने भी अपनी भावनाएं जाहिर की थीं। अजित पवार विमान हादसे में एफआईआर दर्ज करने और मामले की पूरी जांच की मांग उन्होंने की। सपकाल ने कहा कि नाम वापस लेने का फैसला महाराष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

एनसीपी (एपी) के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि दिवंगत अजित पवार ने 1991 और 1992 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से चुनाव जीता था। आघाड़ी सरकार में उन्होंने कांग्रेस के साथ राज्य में मंत्री और उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। मैं कांग्रेस के फैसले का का स्वागत करता हूं। कांग्रेस ने सद्भाव दिखाया है। मैं बारामती की जनता की ओर से उनका धन्यवाद देता हूं।

एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि न केवल बारामती बल्कि पूरे राज्य के लोगों की इच्छा है कि यह पचुनाव निर्विरोध हो. यही स्वर्गीय अजीतदादा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नामांकन वापस लेने के लिए उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और राज्य के सभी कांग्रेस नेताओं के साथ आकाश मोरे का विशेष आभार व्यक्त किया है।

गौरतलब हो कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद बारामती सीट पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं। वोटिंग 23 अप्रैल को होगी और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार