हर कार्यस्थलों पर होगी पॉश कानून पर अमल की जांच
मुंबई, 22 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम (पॉश कानून) को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। संबंधित अधिकारियों को राज्यभर में काम की जगहों पर पॉश कानून पर अमल हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर निरीक्षण के दौरान कोई हिंसा या गलती पाई जाती है, तो पॉश एक्ट के सेक्शन 26 के तहत संबंधित जगहों पर सजा के तौर पर कार्रवाई की जा सकती है। यह मुहिम राज्य में महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराने के मकसद शुरू की जा रही हॆ। महिला व बाल कल्याण विभाग ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है।
सर्कुलर के अनुसार यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी जगहों पर पॉश कानून का पालन हो रहा है या नहीं। इसके लिए जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों, महिला व बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों, सुरक्षा अधिकारियों, परियोजना अधिकारियों और दूसरे नियुक्त कर्मचारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांचा जाएगा कि दस या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाले संस्थानों में अंदरूनी शिकायत समिति बनाई गई है या नहीं, शिकायतों का ठीक से निपटारा हो रहा है या नहीं, सालाना रिपोर्ट जमा हो रही हैं या नहीं और कानून के दूसरे नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

