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ठेकेदार को कम दर पर कोलाबा एसटीपी का पानी

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मुंबई, 26 मार्च (हि.स.)। कोलाबा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से किए गए शुद्ध पानी को मुंबई महानगरपालिका ने बेचने का निर्णय लिया है। हालांकि चयनित ठेकेदार को लागत से कम दर पर पानी देने का फैसला मनपा की स्थायी समिति में लिया गया है। इसका कई नगरसेवकों ने विरोध किया है।

पहले एसटीपी के संचालन और रखरखाव खर्च को ध्यान में रखते हुए 15 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय की गई थी। लेकिन मेसर्स एस.आर. इंटरप्राइजेज कंपनी ने पानी 10.5 रुपये प्रति किलोलीटर दर पर देने की मांग की थी, जिसे बुधवार को स्थायी समिति में मंजूरी दे दी गई। इससे मनपा को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई नगरसेवकों ने नाराजगी जताई है। उनका सवाल है कि जब मनपा को 15 रुपये प्रति किलोलीटर मिल सकता है, तो एस.आर. इंटरप्राइजेज पर इतनी मेहरबानी क्यों? यह परियोजना की क्षमता रोजाना 37 एमएलडी पानी की है। इसमें से 10 एमएलडी पानी का शोधन किया जाता है। इस केंद्र के संचालन और रखरखाव का खर्च 12 रुपये प्रति किलोलीटर है। कई नगरसेवकों की मांग थी कि बिक्री दर कम से कम 15 रुपये होनी चाहिए, लेकिन स्थायी समिति में भाजपा के बहुमत के कारण इसे 10.5 रुपये प्रति किलोलीटर पर मंजूरी दे दी गई।

याद दिला दें कि इससे पहले भी विभिन्न संस्थाओं को अलग-अलग दरों पर पानी की आपूर्ति की गई है। मुंबई मेरिटाइम बोर्ड और एल एंड टी को 21 रुपये प्रति 1000 लीटर, जबकि नौसेना को मात्र 1 रुपये प्रति 1000 लीटर की दर से पानी दिया गया है। मनपा का उद्देश्य मलजल को संशोधित कर उसका उपयोग निर्माण, उद्यान और सफाई कार्यों में कर राजस्व बढ़ाना है।

भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने कहा कि 200 एमएलडी पानी के उपयोग का लक्ष्य रखते हुए इस पानी के निपटान के लिए अलग नीति बनानी चाहिए। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नगरसेवक यशोधर फणसे ने विरोध करते हुए कहा कि पानी बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए, भले ही राजस्व कम हो जाए। एमआईएम के नगरसेवक जमीर कुरैशी ने कहा कि शहर में 4000 एमएलडी दूषित पानी निकलता है, जिसमें से 2500 एमएलडी का शोधन होता है। लगभग 1500 एमएलडी सीधे समुद्र में छोड़ा जाता है, जिससे समुद्री जीवों और नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा निर्माण हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार