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सशक्त होगी कोस्टल सिक्योरिटी– मंत्री नितेश राणे

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मुंबई, 27 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र की तटीय रेखा की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार गंभीर हो गई है। सूबे में सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर अत्याधुनिक तकनीकी की मदद से मैरीटाइम सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

मत्स्य पालन व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मछुआरों, कोस्टल नागरिकों और मैरीटाइम ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अलग-अलग विभागों के बीच असरदार तालमेल बढ़ाने, मरीन पेट्रोलिंग को मजबूत करने और राज्य में कोस्टल सिक्योरिटी सिस्टम को सशक्त बनाने के लिए पुलिस विभाग के लिए जरूरी जेटी सुविधाएं देने को लेकर गंभीर है।

बैठक में ब्लू इकॉनमी का प्लान तैयार करने पर चर्चा की गई। सरकार को कुल 735 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें मरीन कंजर्वेशन के लिए 600 करोड़ रुपये और डीप सी टूना फिशिंग के लिए 135 करोड़ रुपये शामिल हैं। एम्बरग्रीस के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. यह मरीन बायोडायवर्सिटी और कोस्टल सिक्योरिटी के लिए ज़रूरी है. वन विभाग, कोस्ट गार्ड, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और मत्स्य विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। 'मरीन फिशरमेन वेलफेयर रेजिलिएंस फंड' बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।

मुंबई के मरोल में 138 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मछली मार्केट बनाई जाएगी. इसमें कोल्ड स्टोरेज, ड्राई फिश मार्केट, एक्वेरियम, ट्रेनिंग सेंटर, पार्किंग की सुविधा और एक फिशर हाउस शामिल होंगे। केंद्र सरकार से 30 करोड़ रुपये, राज्य सरकार से 20 करोड़ रुपये और बीएमसी से 88 करोड़ रुपये का फंड मिलेगा। महिला मछुआरों के लिए हैंड ग्लव्स,गमबूट और सुरक्षा सामान देने की नीति लागू करने का फैसला किया गया है। 500 महिला वर्कर्स को प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट बांटे जाएंगे. इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 30.69 लाख रुपये आने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार