सीएम फडणवीस ने दिया डिजिटल सरकारी सेवा प्लेटफॉर्म तुरंत शुरू करने का निर्देश
मुंबई, 15 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकभिमुख सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल सरकारी सेवा प्लेटफॉर्म तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को हिदायत दी है कि लंबित डिजिटल सेवाओं के काम 31 दिसबंर तक पूरे हो जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना रूकावट डिजिटल सर्विस डिलीवरी के लिए संबंधित विभागों और महाआईटी के बीच तालमेल जरूरी है।
महाडीबीटी 2.0, मैत्री 2.0 और आपले सरकार 2.0 पर सेवा के समन्वय को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सरकारी आवास वर्षा बंगले पर गुरुवार को बैठक बुलाई थी। इसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि ‘महाडीबीटी 2.0’, ‘मैत्री 2.0’ और ‘आपले सरकार 2.0’ पर सभी लंबित काम किसी भी हाल में 31 दिसंबर तक पूरे कर लिए जाने चाहिए, ताकि 26 जनवरी को डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्म शुरू किया जा सके। सरकार ने पूरी प्रक्रिया के लिए एक ‘एंड-टू-एंड’ डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है। इसके बैकएंड को ‘जीपीआर’ के हिसाब से अच्छे से विकसित करने और सीधे सेवा डिलीवरी को असरदार बनाने की जरूरत है। यदि यह सिस्टम बिना किसी रुकावट के लागू होता है, तो विभागों पर रोजाना का प्रशासनिक दवाब आधा कम हो जाएगा। लोगों को सीधे सरकारी ऑफिस से संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभागों की समस्याओं को नियमित नोट करके और समय पर हल करने की एक प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए। उच्चस्तरीय कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद, संबंधित विभाग तीन दिन के अंदर सरकारी फ़ैसले की प्रक्रिया पूरी करें। हर विभाग उल्टे क्रम में योजना बनाएं और लंबित काम पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की सफलता का असली टेस्ट नागरिकों से सीधा फीडबैक मिलना है। सिर्फ तकनीकी पूरा होना काफ़ी नहीं होगा जब तक लोगों का सकारात्मक अनुभव सामने न आए। विभागों को 30 नवंबर तक अपने बाहरी पोर्टल ‘आपले सरकार’ और ‘मैत्री’ से जोड़ने हैं। जांच की गई 1,222 सेवाओं में से 723 सेवाओं को युक्तिसंगत बनाया गया है। इनमें 32 नॉन-सर्विसेज, 83 पुरानी सेवाएं, 51 तुरंत सेवाएं और 333 डुप्लीकेट या सप्लीमेंट्री सेवाएं हैं। उच्चस्तरीय कमेटी की मंजूरी से 46 उप-विभागों में 467 सेवाओं पर आगे की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त पेंशन के लिए डेटाबेस के जरिए संभावित लाभार्थियों की पहचान करने के लिए एक नई प्रक्रिया प्रस्तावित है। पूरे राज्य में 8 लाख 90 हजार संभावित लाभार्थियों की पहचान की गई है। इसी तरह स्पोर्ट्स ई-सर्टिफिकेशन सिस्टम के परीक्षा परिणामों में छात्रों के वेरिफाइड स्पोर्ट्स मार्क्स को स्वचालित रूप से शामिल करने के लिए एक प्रक्रिया विकसित की जाएगी। विभिन्न निगमों की 130 योजनाओं को प्रमाणित आवेदनों के साथ महा डीबीटी 2.0 पर लाया जाएगा। नौ विभागों के 1,700 से ज्यादा हॉस्टल के लिए एक यूनिफाइड ‘महाहॉस्टल’ प्लेटफॉर्म, साथ ही सभी सरकारी ठेकेदारों के लिए ‘एक कॉन्ट्रैक्टर-एक आइडेंटिफिकेशन नंबर’ वाला एक यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 32,479 एक्टिव सर्विस सेंटर में से 17,517 सेंटर ने सर्टिफिकेशन क्राइटेरिया पूरा करने की रिपोर्ट दी है और 12,824 सेंटर का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सेंटरों की अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है। बेहतर काम करने वाले ‘स्मार्ट’ सेंटर को 26 जनवरी को सम्मानित करने का प्लान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

