गारगाई बांध परियोजना के कार्यों में लाएं तेजी, सीएम फडणवीस का निर्देश
मुंबई, 27 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि पालघर जिले के देवली क्षेत्र में प्रस्तावित गारगाई बांध परियोजना के काम में तेजी लाई जाए। संबंधित पुनर्वास, वनीकरण और निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जाए। इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई शहर की जल उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में गारगाई सिंचाई परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, वन मंत्री गणेश नाईक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई के भविष्य के जलापूर्ति तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाने वाली गारगाई बांध परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे मई 2029 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र की दीर्घकालिक जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। परियोजना के तहत 658 हेक्टेयर वन भूमि जलमग्न होगी, इसके बदले 1,400 हेक्टेयर भूमि प्रतिपूरक वनीकरण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा वन विकास के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में वन विभाग को भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। इस परियोजना से लगभग 844 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी, जिसमें 186 हेक्टेयर निजी भूमि और 658 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। परियोजना का कुल जलमग्न क्षेत्र 805 हेक्टेयर होगा।
परियोजना के कारण ओगदा और खोडदे गांव पूर्णतः प्रभावित होंगे, जबकि पाचघर, तिलमाल, फणसगांव और आमले गांव आंशिक रूप से प्रभावित होंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 3,065 करोड़ रूपये है। इसमें बांध, जल सुरंग, पुनर्वास के लिए आवश्यक 22 आधारभूत सुविधाओं का निर्माण और जलविद्युत उत्पादन इकाई की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, प्रतिपूरक वनीकरण, वन भूमि की नेट प्रेजेंट वैल्यू, परामर्श सेवाओं और अन्य संबंधित कार्यों पर होने वाला व्यय निर्माण अनुबंध से अलग वहन किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

