मुश्किलों में रूपाली चाकणकर, महिला प्रदेशाध्यक्ष पद भी गंवाने की नौबत
मुंबई, 22 मार्च (हि.स.)। ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले के कारण राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद भी रूपाली चाकणकर की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं। जहां उनकी गिरफ्तारी की मांग उठ रही है, तो वहीं उनके एनसीपी (एपी) के महिला प्रदेशाध्यक्ष पद पर भी तलवार लटकने लगी है। संभावना जताई जा रही है कि 31 मार्च से पहले उन्हें यह पद भी गंवाना पड़ सकता है।
उपमुख्यमंत्री व एनसीपी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास 'देवगिरी' बंगले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे, सांसद प्रफुल्ल पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चाकणकर के इस्तीफे पर विस्तृत चर्चा हुई। खरात के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने से पार्टी की छवि धूमिल होने की बात कई नेताओं ने कही। फिलहाल महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफे पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि चाकणकर को हटाकर किसी और को इस पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इधर एनसीपी की महिला नेता रूपाली ठोंबरे पाटिल ने आरोप लगाया है कि खरात के यौन शोषण रैकेट की मुख्य मास्टरमाइंड चाकणकर हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि चाकणकर को सहआरोपी बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर में स्पष्ट किया कि चाकणकर के खिलाफ सीधे कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन महिलाओं पर अत्याचार करने वाले व्यक्ति के साथ उनकी निकटता और उसे गुरु मानने की स्थिति में महिला आयोग की निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती। फडणवीस ने कहा कि यह बात खुद चाकणकर ने भी समझी और उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

