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पर्यावरणुकूल गणेशोत्सव ही मनाएं - ठाणे मेयर

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पर्यावरणुकूल गणेशोत्सव ही मनाएं - ठाणे मेयर


मुंबई ,21 अगस्त (हि. स.) । दही हांडी और गणेशोत्सव सितंबर महीने में शुरू हो रहे हैं। गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा दिया गया है और पर्यावरणुकूल गणेशोत्सव ही मनाना सभी की ज़िम्मेदारी है। आज ठाणे महानगर पालिका के एक सभागृह में आयोजित बैठक में इसके लिए सभी दही हांडी और पब्लिक गणेश मंडलों से ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और पुलिस विभाग से मिली नियमावली को मानने की अपील करते हुए, मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने आज हुई मीटिंग में संबंधित विभागों को गणेश उत्सव से पहले सभी सड़कों के गड्ढों को ठीक करने और विसर्जन घाटों पर ज़रूरी सुविधाएं देने के निर्देश दिए।

माननीय उच्च न्यायालय, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने समय-समय पर इको-फ्रेंडली त्योहार और सेलिब्रेशन मनाने के संबंध में गाइडलाइन बनाई हैं। उसी के अनुसार मूर्ति बनाने वालों से चर्चा करने के लिए यह मीटिंग रखी गई थी।

मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने बताया कि गणेशोत्सव शुरू होने से पहले सभी मुख्य सड़कों पर गड्ढे भरने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर मंडलों को आ रही दूसरी समस्याओं के बारे में संबंधित वार्ड के सहायक आयुक्तों को लिखकर दिया जाता है, तो उस पर तुरंत कार्यवाही की होगी।बताया जाता है कि मौजूद मंडलों के पदाधिकारियों ने शिकायत की कि मंडप बनाने के लिए ऑनलाइन परमिशन लेने में कई टेक्निकल दिक्कतें आ रही हैं। हाउसिंग सोसाइटियों में मनाए जाने वाले गणेशोत्सव के लिए भी पब्लिक मंडलों की तरह ऑनलाइन परमिशन की सुविधा देने की मांग की गई और मेयर ने इस बारे में प्रशासन को ज़रूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा गया कि चूंकि ठाणे शहर और मुंबई के मुलुंड इलाके में बड़ी गणेश मूर्तियों का विसर्जन इसी घाट पर होता है, इसलिए वहां क्रेन की सुविधा होना ज़रूरी है। मेयर ने यह भी कहा कि बड़ी गणपति मूर्तियों के विसर्जन के लिए क्रेन की सुविधा देने के बारे में सभी टेक्निकल बातों पर विचार करने के बाद ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गणेशोत्सव से पहले वे खुद सभी विसर्जन घाटों का इंस्पेक्शन करेंगी। मीटिंग की शुरुआत में आने वाले गणेशोत्सव के लिए नगर निगम की तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। विसर्जन के इंतज़ाम, ट्रैफिक प्लानिंग, इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव के लिए उठाए गए कदमों और प्रशासन की ओर से बनाए गए नियमों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीमा में कुल 132 विसर्जन की जगहें बनाई गई हैं और 23 जगहों पर कृत्रिम झीलें बनाई गई हैं। मनपा प्रशासन द्वारा मात्र ने छह फीट तक ऊंची गणेश मूर्तियों को कृत्रिम झीलों में विसर्जित करने की अपील की गई है। मीटिंग में यह भी सुझाव दिया गया कि मूर्ति बनाने वाले लोगों को गणेश मूर्तियां चढ़ाते समय इको-फ्रेंडली विसर्जन और सरकारी नियमों के बारे में बताने के लिए ब्रोशर भी दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा