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पुणे की छात्रा के खिलाफ दर्ज केस रद्द, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी राहत

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मुंबई, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक विवादित कमेंट को दोबारा पोस्ट करने के लिए 20 साल की इंजीनियरिंग की छात्रा के खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस को रद्द कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि इस पोस्ट को डालने के बाद छात्रा ने इसे अपनी मर्ज़ी से डिलीट कर दिया था और उसे इसका पछतावा भी हुआ। जस्टिस मिलिंद जाधव की सिंगल बेंच ने कहा कि इसे गलती मान कर छात्रा को एक मौका दिया जाना चाहिए। इस मामले में छात्रा पहले ही कस्टडी का दर्द झेल चुकी है। इस वजह से अब उसके आगे के भविष्य को देखते हुए केस को रद्द करने का फैसला लिया गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि छात्रा ओरिजिनल पोस्ट की लेखक या क्रिएटर नहीं थी। यह पोस्ट विवादित था, जिससे गुस्सा और नफरत फैलती है. लेकिन एप्लीकेंट का रोल उस पोस्ट को दोबारा पोस्ट करने तक ही सीमित है, जो पहले से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद थी। छात्रा को इस मामले में लगभग 20 दिन जेल में रहना पड़ा था। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में युवाओं की पहली गलती मान कर उन्हें आगे बढ़ने का एक मौका दिया जाना चाहिए।

पुणे के एक प्राइवेट कॉलेज की छात्रा को 9 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव से जुड़े विवादित इंस्टाग्राम रीपोस्ट को लेकर गिरफ्तार किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार