home page

सोनोग्राफी सेंटरो के खिलाफ मुहिम, दोषियों पर होगी मकोका के तहत कार्रवाई

 | 

मुंबई, 01 जुलाई (हि.स.)। सोनोग्राफी और आईवीएफ केंद्रों में गलत कार्यों को रोकने के लिए स्पेशल टीम ने मुहिम शुरू की है। दोषियों पर मकोका के तहत कार्रवाई करने के लिए कानून लाया जाएगा। यह घोषणा बुधवार को विधान सभा में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने की।

सपा विधायक अबू आसीम आजमी व अन्य विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान राज्य में बिना लाइसेंस चल रहे सोनोग्राफी और आईवीएफ सेंटर्स का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सोनोग्राफी और आईवीएफ सेंटर्स में गलत कामों के साथ-साथ प्रिवेंशन ऑफ फीटल सेक्स डिटेक्शन एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों के ज़रिए पूरे राज्य में सोनोग्राफी और अबॉर्शन सेंटर्स की जांच के लिए कार्रवाई शुरू की गई है। यह देखा गया है कि राज्य में आईवीएफ ट्रीटमेंट और सिजेरियन डिलीवरी की दर बढ़ रही है। इसके लिए जरूरी नियम बनाए जाएंगे कि आईवीएफ ट्रीटमेंट का इस्तेमाल सिर्फ मेडिकल ज़रूरत के हिसाब से ही किया जाए। ऐसे मामलों में शामिल डॉक्टरों, संबंधित स्टाफ़ और हॉस्पिटल मैनेजमेंट के ख़िलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मकोका एक्ट के नियमों को लागू करने के लिए आवश्यक कानून लाया जाएगा ताकि महिला स्पर्म की तस्करी, आईवीएफ सेंटरों द्वारा गलत कामों और भ्रूण लिंग जांच रोकथाम एक्ट के उल्लंघन में शामिल लोगों के ख़िलाफ असरदार और सख़्त कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बदलापुर और अंबरनाथ में सामने आए महिला स्पर्म तस्करी के मामलों में शामिल डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनका मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में ऐसे गलत कामों में शामिल पाए जाने वाले डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी। चंद्रपुर मनपा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बेबीश्योर क्लिनिक और इंदिरा आईवीएफ सेंटर का जोन-लेवल की एक्सपर्ट कमिटी ने जांच की। इस निरीक्षण में कई गलतियां पाई गईं, इसलिए दोनों सेंटर्स को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार