महिला बुजुर्ग को 6 दिन में न्याय मिला लोक अदालतों में ठाणे फिर अग्रणी
मुंबई, 13 सितंबर (हि. स.) l ठाणे जिला सत्र न्यायालय सेशंस कोर्ट में लगी नेशनल लोक अदालत में इतिहास रचा गया है। एक बुज़ुर्ग महिला पीड़ित को सिर्फ़ छह दिन में न्याय मिल गया। इस फ़ैसले की हर जगह तारीफ़ हो रही है क्योंकि इतने कम समय में किसी पक्ष को तुरंत इंसाफ़ मिलने का यह पहला मामला है। इसके साथ ही, ठाणे विधि सेवा प्राधिकरण ने ज़िले में लगी लोक अदालतों में 88 हजार 733 दावों को निपटाकर राज्य में शीर्ष होने का गौरव हासिल किया है। यह अदालत (तारीख 12) सितंबर 2926को जिला मुख्य न्यायाधीश और सत्र न्यायाधीश आर.डी. सावंत की देख रेख में लगी थी।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर, ठाणे-पालघर ज़िले की अदालतों में पेंडिंग और पहले से फ़ाइल किए गए दावों को निपटाने के लिए शनिवार को ज़िले में नेशनल लोक अदालत लगी। इन दावों को निपटाने के लिए एक पैनल बनाया गया है। अलग-अलग अदालतों में फ़ाइल किए गए 88733 पेंडिंग मामलों को 105 पैनल के ज़रिए निपटाया गया है। मोटर एक्सीडेंट के चार मामलों में, मरने वालों के वारिसों को क्रम से 2, करोड़ 40,लाख , 2, करोड़ , 89 लाख और 80,लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। एक संतोषजनक और अपनी तरह के पहले मामले में, एक 76 साल की महिला को सिर्फ छह दिनों में न्याय मिला। एक्सीडेंट में घायल रेखा आहूजा ने 7 सितंबर को ई-सिस्टम के जरिए मुआवजे के लिए ऑनलाइन क्लेम फाइल किया था। क्लेम का फैसला सिर्फ छह दिनों (12 सितंबर) में हुआ और पीड़ित को 6,20,000 रुपये का मुआवजा दिया गया। आहूजा की ओर से वकील सुहासिनी नावडकर पेश हुईं।
क्या है ई-सिस्टम: उल्लेखनीय है कि इस प्रणाली में केंद्र सरकार और उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर देश की अदालतों में पेपरलेस और ऑनलाइन तुरंत फैसले के लिए ई-सिस्टम सुविधा शुरू की गई है। इसमें ऑनलाइन क्लेम जमा किए जाते हैं और ऑनलाइन ही सुनवाई होती है।ठाणे जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव रविंद्र पंजकर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत को पार्टियों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस कोर्ट में, दोनों पार्टियां समझौता कर लेती हैं और केस हमेशा के लिए सुलझ जाते हैं। दोनों पार्टियों का पैसा और समय बचता है। ठाणे और पालघर कोर्ट में रिकॉर्ड तरीके से क्लेम निपटाए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

