अनियमित व प्रवासी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने 15जुलाई से मुहिम
मुंबई, 14 जुलाई (हि. स.) । बच्चों के मुफ़्त और ज़रूरी शिक्षा का अधिकार एक्ट, 2009 के तहत, 6 से 14 साल के हर बच्चे का यह बुनियादी अधिकार है कि उसे मुफ़्त, अनिवार्य और अच्छी शिक्षा मिले। इस अधिकार को असरदार तरीके से लागू करने और स्कूल न जाने वाले, अनियमित और प्रवासी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए, ज़िला परिषद ठाणे के शिक्षा विभाग के ज़रिए 15 जुलाई से 30 जुलाई, 2026 (छुट्टियों को छोड़कर) तक पूरे ज़िले में एक खास सर्च कैंपेन चलाया जाएगा।
राज्य में 1 अप्रैल, 2010 से बच्चों के लिए मुफ़्त और ज़रूरी शिक्षा का अधिकार एक्ट लागू किया गया है, और यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह स्कूल में हर बच्चे का रजिस्ट्रेशन, रेगुलर अटेंडेंस और अच्छी क्वालिटी की शिक्षा पक्का करे। इस एक्ट के मुताबिक, 6 से 14 साल के ऐसे बच्चे जिन्होंने कभी स्कूल में एडमिशन नहीं लिया, स्कूल छोड़ दिया है या एक महीने से ज़्यादा समय तक स्कूल से गैरहाज़िर रहे हैं, उन्हें 'आउट-ऑफ़-स्कूल बच्चे' माना जाता है।
राज्य के साथ-साथ ठाणे ज़िले में भी बड़ी संख्या में परिवार रोज़गार, मौसमी काम और आर्थिक कारणों से माइग्रेट कर रहे हैं। इससे ज़मीनहीन, छोटे किसानों और आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में रुकावट आने की संभावना बढ़ जाती है। लड़कियों, दिव्यांग बच्चों और पिछड़े ग्रुप के स्टूडेंट्स की पढ़ाई में रुकावट का खतरा खास तौर पर ज़्यादा होता है। बढ़ते माइग्रेशन, बाल मज़दूरी, बाल विवाह और सामाजिक असुरक्षा के कारण कई बच्चे पढ़ाई से दूर रह जाते हैं।
इस कैंपेन का मुख्य मकसद स्कूल न जाने वाले, अनियमित और प्रवासी बच्चों की पहचान करके उन्हें तुरंत शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करना, उनकी शिक्षा बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करना और शिक्षा के अधिकार को प्रभावी ढंग से लागू करना है।
इस कैंपेन में न केवल शिक्षा विभाग बल्कि रेवेन्यू, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, सामाजिक न्याय और विशेष सहायता, महिला एवं बाल विकास, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विस स्कीम (ICDS), लेबर डिपार्टमेंट, ट्राइबल डेवलपमेंट, माइनॉरिटी डेवलपमेंट, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट और होम डिपार्टमेंट भी सक्रिय रूप से शामिल होंगे। एजुकेशन ऑफिसर (प्राइमरी) बालासाहेब रक्से ने बताया कि सभी विभागों के साथ मिलकर गांवों, बस्तियों, ईंट भट्टों, कंस्ट्रक्शन साइट, इंडस्ट्रियल एरिया, प्रवासी मजदूरों की बस्तियों और दूसरी संभावित जगहों पर जाकर सर्वे किया जाएगा।
हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे, सभी सरकारी विभागों, लोकल बॉडी, टीचर, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वॉलंटियर और नागरिकों को इस खास सर्च कैंपेन में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। - ज़िला परिषद ठाणे मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

