वाइन उद्योग को बढ़ावा, 8.80 करोड़ का फंड
मुंबई, 13 अक्टूबर (हि.स.)महाराष्ट्र सरकार ने सूबे में वाइन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 8 करोड़ 80 लाख रुपये का फंड दिया है। इस फंड से वाइन उत्पादकों के 31 लंबित सब्सिडी क्लेम निपटाए जाएंगे। उद्योग, निवेश, सेवा और माइनिंग डिपार्टमेंट ने मंगलवार को इस बारे में शासनादेश जारी किया।
इस स्कीम का उद्देश्य अंगूर किसानों को बढ़ावा देना है। अंगूर को प्रोसेस करके वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट बनाना और राज्य में वाइन इंडस्ट्री को विकसित करना है। राज्य में बनने वाली और बिकने वाली वाइन पर 20 प्रतिशत वैल्यू-एडेड टैक्स के 16 फीसदी के बराबर इंसेंटिव सब्सिडी देने का प्रावधान है। पहले इस स्कीम के तहत लंबित क्लेम निपटाने के लिए 44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसमें से 17 करोड़ 60 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं। बाकी 26.40 करोड़ रुपये में से 8.80 करोड़ रुपये अब मिल गए हैं। इस ग्रांट में नासिक जिले के सुला वाइनयार्ड्स, एन. डी. वाइन्स, चारोसा वाइनरीज, ग्रोवर ज़म्पा वाइनयार्ड्स समेत कई उत्पादक शामिल हैं। इसमें सोलापुर में फ्रेटेली वाइन्स और सांगली में ग्रेप सिटी वाइनरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के क्लेम का भी समावेश है।
ग्रांट बांटने से पहले पात्रता और तय शर्तों की जांच करना होगा। एक उत्पादन यूनिट को हर वित्तीय वर्ष में ज्यादा से ज्यादा 20 करोड़ रुपये का ग्रांट मिल सकता है। उद्योग आयुक्तालय को फंड के इस्तेमाल का सर्टिफिकेट जमा करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

