बीएमसी की लोअर परेल की जमीन निजी डेवलपर को
मुंबई, 18 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण मुंबई के लोअर परेल स्थित मुंबई महानगरपालिका की 5,166 वर्ग मीटर की जमीन अब निजी डेवलपर के हाथों में जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस भूखंड के लिए मंगाई गए टेंडर में ‘स्कायस्टीड कन्स्ट्रक्शन्स’ नामक कंपनी ने 470 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर बाजी मार ली है।
राजस्व बढ़ाने के लिए मनपा अपनी स्वामित्ववाली महत्वपूर्ण जमीनों को लीज पर दे रही है। इसी कड़ी में लोअर परेल की जमीन भी पट्टे पर दी जा रही है। यह जमीन शुरुआत में 30 साल की लीज पर दी जाएगी। प्रस्ताव में मौजूदा नियमों के अनुसार, आगे इस अवधि को 30 साल और बढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है। इस तरह जमीन अगले 60 वर्षों तक निजी कंपनी के कब्जे में रहने की संभावना है। मुंबई मनपा ने इस भूखंड की शुरुआती कीमत करीब 455 करोड़ रुपये तय की थी. स्कायस्टीड कन्स्ट्रक्शन्स की 470 करोड़ रुपये की बोली निर्धारित कीमत से 3.3 प्रतिशत अधिक है। इस नीलामी में सिर्फ दो कंपनियों ने हिस्सा लिया था।
इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सुधार समिति की आगामी बैठक में रखा गया है। इसमें डेवलपर को जमीन सौंपने के साथ ही भूखंड का मौजूदा आरक्षण हटाने की भी सिफारिश की गई है। विकास योजना 2034 के तहत फिलहाल यह जमीन ‘अन्य संस्थाओं’ की श्रेणी में आरक्षित है। आरक्षण हटाने के लिए महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन एवं नगर रचना अधिनियम, 1966 की धारा 37(1) के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके अंतर्गत नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। आरक्षण आधिकारिक रूप से हटने के बाद ही डेवलपर को अंतिम मंजूरी पत्र जारी किया जाएगा।
जी/दक्षिण विभाग में सुदाम कालू अहिरे मार्ग के पास स्थित यह भूखंड बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर है. निविदा की शर्तों के अनुसार, सफल डेवलपर को अपने खर्च पर बीएमसी की प्रयोगशाला के लिए 1,299 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नई इमारत बनाकर मनपा को सौंपनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

