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4165 करोड़ के टेंडर मामले में बीएमसी का यूटर्न

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मुंबई, 24 नवंबर (हि.स.)। मुंबई मनपा ने कचरा निपटान के लिए जारी किए गए 4165 करोड़ रुपये के टेंडर के मामले में बोलीदाताओं के रूख को देखते हुए यूटर्न ले लिया है। मनपा प्रशासन ने तय किया है कि इस टेंडर पर फिर से विचार किया जा सकता है।

मनपा के घनकचरा विभाग ने कुछ दिनों पहले कचरा संग्रह और परिवहन के लिए 4165 करोड़ का टेंडर जारी किया था। हालांकि बोलीदाता टेंडर की रकम में 40 से 64 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग कर रहें है। उनका कहना है कि इस राशि में यह काम करना मुश्किल साबित होगा। इस संबंध में मनपा मुख्यालय में सोमवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें घनकचरा विभाग के अधिकारी और बोलीदाता शामिल थे। घनकचरा विभाग के उपायुक्त किरण दिघावकर के अनुसार बोलीदाता जितनी राशि की मांग कर रहें हैं, वह मुहैया कराना संभव नहीं है। अब मनपा के पास दो विकल्प हैं। पहला या तो बोलीदाताओं को टेंडर की राशि (4165 करोड़) में ही काम करने को राजी किया जाए या फिर से टेंडर निकाला जा सकता है। इस संबंध में बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बातचीत की गई है। स्थिती जल्द साफ हो जाएगी।

टेंडर में 22 वार्डों में कचरा संग्रह और निपटान का कार्य निजी कंपनियों को सौंपना शामिल है। इसमें एल वार्ड (कुर्ला), एम-पूर्व (गोवंडी) और एम -पश्चिम (चेंबूर) वार्ड शामिल नहीं हैं, क्योंकि ये कांजूरमार्ग और देवनार डंपिंग ग्राउंड के पास हैं। निजी कंपनियों को उच्च क्षमता वाले, रंग-कोडित वाहनों का उपयोग करना था, जिनमें से 10%–15% वाहन इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य था। मुंबई मनपा दिसंबर तक इस टेंडर को अंतिम रूप देना चाहती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार