मुंबई में सड़कों की धूल से बनेंगे पेवर ब्लॉक, बीएमसी की नई पहल से प्रदूषण पर लगेगी लगाम
मुंबई, 05 नवंबर (हि.स.)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए मुंबई महानगरपालिका नई पहल करने जा रही है। अब सड़कों से हटाई जाने वाली धूल को बेकार समझकर फेंका नहीं जाएगा, बल्कि उसका इस्तेमाल निर्माण सामग्री तैयार करने में किया जाएगा। मनपा प्रशासन इस धूल से पेवर ब्लॉक बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
मुंबई मनपा की ओर से प्रदुषण नियंत्रण की मुहिम चलाई जा रही है। विशेष सफाई अभियान के शुरुआती एक सप्ताह में 343 टन धूल जमा की गई है। एकत्रित धूल को कंस्ट्रक्शन एंड डेब्रिज प्लांट में भेजा गया है। प्लांट भेजी गई धूल पर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से इसे पेवर ब्लॉक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एक ओर कचरे के रूप में धूल के निपटारे की समस्या कम होगी, वहीं निर्माण कार्यों के लिए उपयोगी सामग्री भी तैयार की जा सकेगी। मनपा उपायुक्त किरण दिघावकर के अनुसार मुंबई को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अगर सड़कों से निकाली गई धूल को किसी दूसरी जगह डंप कर दिया जाए, तो समस्या उस स्थान पर पहुंच जाएगी। इसलिए प्रशासन ने इसका फिर से उपयोग करने और इससे पेवर ब्लॉक तैयार करने का निर्णय लिया है।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के मार्गदर्शन में सफाई अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शहर के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों में विशेष सफाई दल लगाए गए हैं। प्रत्येक वार्ड को इस काम के लिए 15 लाख रुपये का बजट दिया गया है। अभियान के दौरान धूल हटाने के लिए 22 मल्टीपर्पज वाहनों की सहायता ली गई। इन वाहनों की मदद से सड़क किनारे जमा धूल को मशीनों के जरिए एकत्रित किया गया। इसके साथ ही सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारियों की भी बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। विशेष रूप से सड़क के किनारों, डिवाइडरों के आसपास और उन हिस्सों की सफाई पर जोर दिया गया, जहां धूल का जमाव अधिक रहता है। सड़क से निकलने वाली धूल को किसी दूसरी जगह डंप करने के बजाय उसका फिर से उपयोग करने का फैसला किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

