मुंबई की 12,500 सेस इमारतों के किरायेदारों की होगी बायोमेट्रिक पहचान
मुंबई, 31 अगस्त (हि.स.)। दक्षिण मुंबई की सेस इमारतों के पुनर्विकास में पारदर्शिता लाने और फर्जी दावेदारों पर लगाम लगाने के लिए म्हाडा ने अहम फैसला लिया है। म्हाडा के मुंबई बोर्ड ने 12,500 पुरानी सेस इमारतों के निवासियों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण करने वाला है। मूल किरायेदारों की बायोमेट्रिक पहचान की जाएगी।
पिछले कई वर्ष से विरोध के कारण रुका यह अभियान अब दोबारा शुरू हो रहा है, जिससे 80 से 100 साल पुरानी खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास में केवल पात्र लोगों को ही नया आशियाना मिल सकेगा। राज्य से बाहर या अन्य शहरों में रह रहे हैं लेकिन पुनर्विकास में उनके अधिकार सुरक्षित रहें और अपात्र लोग इसका गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए यह डिजिटल डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है।
म्हाडा इस महासर्वे के लिए दो विशेषज्ञ निजी कंपनियों की नियुक्ति कर रहा है, जिन्होंने इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है। सर्वेक्षण से पहले निवासियों को नोटिस दिया जाएगा। पहचान पत्र, किरायेदारों के वैध दस्तावेज जांचे जाएंगे। बायोमेट्रिक पहचान के साथ घर के सटीक क्षेत्रफल और जीआईएस मैपिंग को भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

