दिव्यांग सहायक संस्थाओं को योजनाओं का लाभ मिले - विधायक केलकर
मुंबई ,25 मार्च ( हि.स.) । ठाणे समेत राज्य में दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्थाओं का इंस्पेक्शन करते समय ग्रांट न रोकी जाए, दिव्यांग कल्याण विभाग ठाणे में जागृति पालक संस्था के विद्यार्थियों के लिए आश्रय के लिए कार्यवाही करें, इस प्रकार की मांगें इस आशय की मांग विधायक संजय केलकर ने विधान सभा पटल में रखीं।
दिव्यांगों के आत्मविश्वासी और पुनर्वास से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करते हुए विधायक संजय केलकर ने कई मांगें रखीं। राज्य सरकार ने दिव्यांगों के आत्मनिर्भर और पुनर्वास के लिए कई स्कीम शुरू की हैं, लेकिन केलकर ने हाउस का ध्यान दिलाया। अभी संस्थाओं का निरीक्षण चल रहा है और इसे मुश्किल नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि सामाजिक तौर से काम करने वाली इन संस्थाओं को सहयोगात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए, और अवलोकन के दौरान उनकी सहायत निधि जारी रहनी चाहिए।
हालांकि सरकार ने दिव्यांग कल्याण विभाग बनाया है, लेकिन इस विभाग को अलग से ऑफिसर-इन-चार्ज नहीं दिया गया है। जब पूछा गया कि यह अधिकारी कब नियुक्त किया जाएगा, तो विधायक केलकर ने यह भी सवाल उठाया कि आसान प्रशासन के लिए जिला स्तर कार्यकाल कब खोले जाएंगे। इसका जवाब देते हुए, मंत्री अतुल सावे ने बताया कि लंबित मामलों को सॉल्व किया जा रहा है। एमपीएससी परीक्षाएं हो गई हैं और अधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण पूरी होने के बाद, दिव्यांग वेलफेयर डिपार्टमेंट को एक स्वतंत्र अधिकारी दिया जाएगा,।
ठाणे शहर में जागृति पालक संस्था पिछले 25 सालों से दिव्यांगों के लिए काम कर रही है और इसके विद्यार्थियों 18 साल से ज़्यादा उम्र के हैं। संस्था ऐसे विद्यार्थियों के लिए आश्रय बनाने के लिए जगह ढूंढ रही है। दिव्यांग कल्याणकारी विभाग इसके लिए सहयोग कर रहा है, वहीं विधायक संजय केलकर ने मांग की कि ऐसे संस्थाओं के लिए एक विशेष योजना लागू की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

