बी फार्मा और डी फार्मा के नए कॉलेजों पर लगी रोक
मुंबई, 16 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में फार्मेसी कॉलेजों के फैलाव को रोकने के लिए साल 2031 तक प्रदेश में नए डिग्री और डिप्लोमा कोर्स खोलने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद उच्च व तकनीक शिक्षा विभाग ने लिया है।
महाराष्ट्र सरकार के फैसले के अनुसार राज्य में नए बी फार्मेंसी और डी फार्मेसी कॉलेजों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसकी बजाए पुराने कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से 2030-31 तक राज्य में नए बी फार्मेसी और डी फार्मेसी कोर्स खोलने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिया है। राज्य में स्किल-बेस्ड शिक्षा को बढ़ावा देने और कौशल विकास को गति देने के लिए नए कौशल विकास केंद्रों को मंज़ूरी देने का फ़ैसला लिया गया है।
कोविड महामारी के दौरान फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने राज्य में फार्मेसी के 220 नए डिप्लोमा और 92 नए डिग्री कॉलेज खोलने की अनुमति दी थी। लेकिन जब पता चला कि इन कॉलेजों में पढ़ाई के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, तो उच्च व तकनीक शिक्षा विभाग ने डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन और टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से इन शिक्षा संस्थानो का निरीक्षण किया। इनमें से 48 डिग्री कोर्स और 128 डिप्लोमा कोर्स पीसीआई के क्राइटेरिया पर खरे नहीं उतरे। उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी की गई. हालांकि बाद में पीसीआई ने उन पर लगी रोक हटा दी थी।
राज्य में फार्मेसी डिग्री की लगभग 30 प्रतिशत सीटंल खाली हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। फैसला लिया गया है कि शिक्षा व उद्योग के बीच के मांग के अंतर को कम करने के लिए फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप बढ़ाकर छात्रों को इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल और रिसर्च के मौके दिए जाने चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

