1 जून से ठाणे,पालघर समुद्र में मछली पकड़ने पर सख्त पाबंदी;
मुंबई, 28 मई (हि. स.) । प्रशासन को और से ठाणे और पालघर जिले के मछुआरों के लिए बहुत ज़रूरी खबर है। समुद्र में मछली के स्टॉक को बचाने और मानसून के दौरान तूफानी मौसम से मछुआरों की जान बचाने के लिए, सरकार ने 1 जून से 31 जुलाई, 2026 तक मानसून में मछली पकड़ने पर अधिकृत रोक लगाने का ऐलान किया है। ठाणे-पालघर जिले के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ फिशरीज (टेक्निकल) दिनेश पाटिल ने इस बारे में आज अधिकृत जानकारी दी है।
बताया जाता है कि इन दो महीनों में समुद्र में मछलियों के ब्रीडिंग का मौसम होता है, इसलिए इस बैन से मछली के बीज बनाने के प्रोसेस को काफी स्कोप मिलता है और समुद्र में मछली का स्टॉक बढ़ाने में मदद मिलती है।फिशरी डिपार्टमेंट के दिए गए ऑर्डर के मुताबिक, यह मानसून में मछली पकड़ने का बैन सभी तरह की मोटराइज्ड और मैकेनिकल नावों पर पूरी तरह लागू होगा। हालांकि, पारंपरिक मछली पकड़ने वाली नॉन-मोटराइज्ड नावों को इस बैन से छूट दी गई है। समुद्र में गई सभी मोटराइज्ड नावों को 31 मई 2026 से पहले अपने-अपने पोर्ट पर लौटना ज़रूरी कर दिया गया है, और 1 जून या उसके बाद पोर्ट पर मछली उतारने की इजाज़त नहीं होगी। साथ ही, राज्य के तट से 12 समुद्री मील (नॉटिकल मील )से ज़्यादा गहरे समुद्र में जाने वाली नावों पर केंद्र सरकार की पॉलिसी और गाइडलाइंस लागू रहेंगी।
सभी मछुआरा सहयोगात्मक रूप से इन सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। अगर पाबंदी के दौरान कोई मोटराइज्ड नाव गैर-कानूनी तरीके से मछली पकड़ती पाई जाती है, तो नाव, उसका सामान और पकड़ी गई मछलियों को महाराष्ट्र सागर मत्स्य अधिनियम (फिशरीज़ रेगुलेशन एक्ट) के तहत ज़ब्त कर लिया जाएगा और मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर बैन के दौरान कोई हादसा होता है, तो ऐसी नाव को सरकार की तरफ से कोई फाइनेंशियल मुआवजा नहीं मिलेगा। इसलिए, मत्स्य विभाग ने सभी नाव मालिकों से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

