‘बाल दृष्टि’ की पहल, 3 लाख छात्रों की होगी स्क्रीनिंग
मुंबई, 13 अक्टूबर (हि.स.)। मनपा स्कूलों के छात्रों के लिए नई पहल शुरू की गई है। बच्चों की आंखों की परेशानी समय रहते पहचानने और उन्हें इलाज उपलब्ध कराने के लिए ‘बाल दृष्टि’ मुहिम शुरू की गई है। मुंबई मनपा और विजन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के साझे में तीन साल में 1,200 स्कूलों के 3 लाख बच्चों की आंखों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। फरवरी से सितंबर 2026 तक 227 स्कूलों के 40,270 बच्चों की जांच की जा चुकी है।
इन मनपा स्कूलों में कुल 59,150 बच्चे नामांकित हैं। इनमें से लगभग 68 प्रतिशत बच्चों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में नजर की कमजोरी के साथ आंखों की दूसरी गंभीर समस्याएं भी सामने आई हैं। अब तक 361 बच्चों को चश्मे दिए गए हैं, जबकि 1,950 बच्चों को आगे की जांच और इलाज के लिए भेजा गया है। इनमें से 549 बच्चे यानी लगभग 28 प्रतिशत अस्पताल पहुंच चुके हैं। अब तक चार बच्चों की तिरछी आंख की समस्या दूर करने के लिए शल्य चिकित्सा की गई है.
जांच के दौरान एक बच्चे की आंख में माइनस 11.50 एसपीएच तक नजर की कमजोरी पाई गई। कुछ बच्चों के अभिलेखों में माइनस 16 एसपीएच तक की स्थिति दर्ज है। एक छात्र में मोतियाबिंद की भी पहचान हुई। इसके अलावा 31 बच्चों में रंग पहचानने से जुड़ी कमी पाई गई। ऐसी स्थिति का समय पर पता चलने से शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में जरूरी बदलाव करने में मदद मिल सकती है। जरूरतमंद बच्चों को ताड़देव रोड स्थित विजन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सामुदायिक नेत्र चिकित्सा केंद्र में विस्तृत जांच के लिए भेजा जाता है। जरूरत के अनुसार चश्मे, विशेषज्ञ उपचार या शल्य चिकित्सा की व्यवस्था की जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

