ऑटो चालकों का बुधवार को आंदोलन
मुंबई. 07 अप्रैल (हि.स.)। मुंबई के ऑटो रिक्शा-टैक्सी मेंस यूनियन ने आज राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान किया है। सरकार के नवगठित 'धर्मवीर आनंद दिघे महाराष्ट्र ऑटो रिक्शा व मीटर्ड टैक्सी चालक कल्याणकारी बोर्ड' की अनिवार्य सदस्यता और उससे जुड़े शुल्कों के खिलाफ यह आवाज मुखर की गई है। चेतावनी दी गई है कि जब तक सरकार अपनी इस दमनकारी नीति को वापस नहीं लेती, तब तक ऑटो चालकों का संघर्ष जारी रहेगा।
यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव के नेतृत्व में बुधवार 8 अप्रैल, 2026 को अंधेरी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बाहर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। राव के अनुसार ऑटो रिक्शा चालकों के लिए एक स्वतंत्र कल्याणकारी बोर्ड की मांग पिछले 20 वर्षों से की जा रही थी। लेकिन, इस बोर्ड की स्थापना करते समय सरकार ने राज्य की प्रमुख रिक्शा यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ कोई बातचीत नहीं की। बोर्ड में पंजीकरण के लिए 500 रुपए प्रवेश शुल्क और 300 रुपए वार्षिक शुल्क अनिवार्य किया गया है। ऑटो चालक पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। यह उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ है।
यूनियन का आरोप है कि पूरे राज्य के आरटीओ कार्यालयों में ऑटो चालकों पर इस बोर्ड में पंजीकरण के लिए दबाव डाला जा रहा है। यदि कोई चालक पंजीकरण नहीं कराता, तो उसके परमिट नवीनीकरण और पासिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को रोक दिया जाता है। यह कार्रवाई पूरी तरह से गैर-कानूनी है। कल्याणकारी बोर्ड चालकों के के लिए होना चाहिए, न कि परिवहन विभाग के फायदे के लिए। अंधेरी आरटीओ पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ऑटो चालकों के जुटने की संभावना है। इस दौरान आरटीओ अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर यह मांग की जाएगी कि पंजीकरण की अनिवार्यता और फीस की वसूली तुरंत बंद की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

