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समृद्धि महामार्ग पर 15 हाईवे पुलिस सहायता केंद्रों को मंजूरी

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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 51 करोड़ रुपये का प्रावधान

समर्पित कंट्रोल रूम भी बनेगा, ट्रांसपोर्टरों ने मुख्यमंत्री फडणवीस का जताया आभार

मुंबई, 04 नवंबर (हि.स.)। मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती आपराधिक घटनाओं और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने महामार्ग पर 420 नियमित पुलिस पदों, 15 हाईवे पुलिस सहायता केंद्रों और एक समर्पित कंट्रोल रूम की स्थापना को मंजूरी दी है। इस पूरी व्यवस्था के लिए लगभग 51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

सरकार के इस फैसले का ट्रांसपोर्टरों ने स्वागत किया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बाल मलकित सिंह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बाल मलकित सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्ट बिरादरी लंबे समय से समृद्धि महामार्ग पर लगातार हो रही लूटपाट, हथियारों के बल पर हमले, डीजल चोरी, जबरन वसूली और अपर्याप्त हाईवे पेट्रोलिंग जैसे गंभीर मुद्दों को सरकार के सामने उठाती रही है।

उन्होंने कहा कि ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और ठोस कदम उठाने की मांग की गई थी। ऐसे में 420 नियमित पुलिस पदों, 15 हाईवे पुलिस सहायता केंद्रों और समर्पित कंट्रोल रूम को मंजूरी मिलना इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्ट बिरादरी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय का हार्दिक स्वागत करती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल केवल प्रशासनिक मंजूरी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर महामार्ग पर वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था के रूप में दिखाई देना चाहिए।

ट्रांसपोर्टरों ने रखीं अतिरिक्त सुरक्षा संबंधी मांगें

सरकार के फैसले का स्वागत करने के साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त मांगें भी रखी हैं।

इनमें प्रमुख रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, 24 घंटे हाईवे पेट्रोलिंग, लूटपाट और हमलों की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई तथा दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।

इसके अलावा ट्रक चालकों के लिए समर्पित इमरजेंसी हेल्पलाइन, आसान शिकायत पंजीकरण व्यवस्था, प्रभावी सीसीटीवी कैमरे और निरंतर निगरानी प्रणाली लागू करने की मांग की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था जमीन पर प्रभावी बनाने पर जोर

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि समृद्धि महामार्ग पर मालवाहक वाहनों और उनके चालकों की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है। नई मंजूरियों के साथ यदि नियमित गश्त, त्वरित सहायता और तकनीकी निगरानी सुनिश्चित की जाती है, तो महामार्ग पर होने वाली आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार