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मौखिक आदेश पर मंत्रालय में काम कर रहे कर्मियों की नियुक्तियां रद्द

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मुंबई, 25 अगस्त (हि.स.)। मंत्रालय और मंत्रियों के कार्यालय में मौखिक आदेश पर काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें 10 सितंबर तक उनके मूल कार्यालय में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सर्कुलर जारी किया है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय के काम को संवेदनशील तरीके से वेरिफाई किए बिना मौखिक आदेश पर आए कर्मचारियों को उनके मूल कार्यलय में भेजने का फैसला किया है। मंत्रालय का काम संवेदनशील है, इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों के ईमानदारी सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट, डिपार्टमेंटल इंक्वायरी समेत सेवा से जुड़े मामलों को वेरिफाई करना जरूरी है। देखा गया है कि दूसरे ऑफिस से मौखिक आदेश पर या कुछ समय के लिए लाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के अपॉइंटमेंट में ऐसा कोई वेरिफिकेशन नहीं किया जाता है, इसलिए सरकार ने ऐसी नियुक्तियों पर रोक लगाने का फैसला किया है। मंत्रालयों और मंत्रियों के ऑफिस में इस तरह से की गई नियुक्तियां तुरंत रद्द किए जाने चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी आदेश दिया है कि संबंधित लोगों को उनके मूल कार्यालय वापस भेजा जाए। सर्कुलर में कहा गया कि मंत्रियों के अधीन इन कर्मचारियों का अपॉइंटमेंट बिना ज़रूरी मंज़ूरी के किए गए थे। इससे मंत्रालय के काम करने के तरीके और तय एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस पर असर पड़ रहा था। भविष्य में इस तरह की होनी वाली नियुक्ति पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने नियमों को अधिक कड़ा बनाने का फैसला किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसे किसी भी अनियमित अपॉइंटमेंट पर महाराष्ट्र सिविल सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1979 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

सर्कुलर में कैडर के रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने को भी गलत बताया गया है। ऑफिस हेड और ड्राइंग और डिसबर्सिंग अधिकारियों को 15 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है। यदि कोई कर्मचारी अपनी मूल ऑफिस में रिपोर्ट नहीं करता है, तो संबंधित ऑफिस को सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी या सेक्रेटरी को 20 सितंबर तक चीफ सेक्रेटरी के ऑफिस में रिपोर्ट जमा करनी होगी। कैंसिल अपॉइंटमेंट से जुड़े पहचान पत्र, फेस-रिकग्निशन और अटेंडेंस की सुविधाएं तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय में भविष्य में होने वाली नियुक्तियों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तय प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। जहां अतिरिक्त मंजूर पद की जरूरत है, वहां पद बढ़ाने, अपग्रेड करने या रीस्ट्रक्चर करने और पे स्केल में बदलाव के प्रस्ताव मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजे जाने चाहिए। सीएमओ से अनुमति के बाद ही पोस्ट को तय प्रोसेस के जरिए ही भरा जाना चाहिए। रेगुलर मिनिस्टीरियल कैडर के बाहर अपॉइंटमेंट के प्रपोज़ल सामान्य प्रशासन विभाग की तय प्रक्रिया से होकर जाने चाहिए और मुख्यमंत्री से मंजूरी लेनी जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार