आंगनवाड़ी कर्मियों का मंगलवार को जेल भरो आंदोलन
मुंबई, 03 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में आंगनवाड़ी सेविकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाने का एलान किया है। वह मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा होंगी और जेल भरो आंदोलन करेंगी। इससे राज्यभर में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को दी जाने वाली सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
महाराष्ट्र में करीब 1,90,964 आंगनवाड़ी केंद्रों में लगभग 2 लाख आंगनवाड़ी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके माध्यम से 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार, अनौपचारिक शिक्षा व गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आहार व स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं। इसके अलावा चुनाव संबंधी कार्य, मातृ वंदना योजना, लेक लाडकी योजना, लाडली बहन योजना, घरकुल योजना और दिव्यांग बच्चों के सर्वेक्षण जैसे काम भी कराए जाते हैं। उनके कामों की तुलना में मानधन और दर्जा सरकारी कर्मियों के समान नहीं है। महाराष्ट्र राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों को लेकर 6 अक्टूबर को राज्यभर में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। इस दौरान मुंबई के आजाद मैदान में तीव्र प्रदर्शन के साथ जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। लंबे समय से कम मानधन में काम कर रहे कर्मचारियों ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का रुख अपनाया है।
संघ का कहना है कि कर्मचारी वर्षों से कम मानधन में सेवाएं दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार आंगनवाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग भी लंबित है। संघ ने शासन से इन मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। इसके अलावा आंगनवाड़ी कर्मियों की प्रमुख मांगों में तीसरी और चौथी श्रेणी के कर्मचारियों के समान वेतन व भत्ता, सेवानिवृत्त आंगनवाड़ी कर्मियों को पेंशन व ग्रेच्युटी, प्रोत्साहन भत्ते की राशि को मानधन में शामिल करने और करीब 40 प्रतिशत कर्मियों को नहीं मिल रहे प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान करने की मांग शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

