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युवाओं हेतू ठाणे में दो दिवसीय जूनून उत्सव में रोजगार के मौके

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मुंबई, 31 अक्टूबर (हि. स.) I सिद्धांत प्रतिष्ठान ने ठाणे में ज़ेन ज़ी के लिए एक अनोखा प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया है। कॉलेज स्टूडेंट्स और नए करियर के मौके ढूंढ रहे युवाओं के लिए बालासाहेब ठाकरे कलादलन, तीन हाथ नाका में आयोजित दो दिन केउत्सव जुनून का उद्घाटन डॉ. रेवती श्रीनिवासन ने किया। इस उत्सव को युवाओं से ज़बरदस्त प्रतिसाद मिला है। इस दो दिन के यूथ फेस्टिवल में मौज-मस्ती औरमनोरंजन के साथ-साथ युवाओं को करियर के नए रास्ते तलाशने में मदद मिलेगी।

इस दो दिन के यूथ फेस्टिवल में रोजगार क्षेत्र (करियर ज़ोन), ठाणे की विरासत दिखाने वाला प्रदर्शन , 'फूलपाखरू' - मेंटल हेल्थ और वेलनेस डिपार्टमेंट और 'फ्यूचर ऑफ़ हेल्थ ज़ोन' वगैरह होंगे। साथ ही, स्किन स्कैनिंग, क्रायोथेरेपी, रेड लाइट थेरेपी, EMS सूट, लिम्फेटिक कम्प्रेशन, हाइड्रोजन इनहेलेशन और AI टेक्नोलॉजी के ज़रिए फुट एनालिसिस जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी वाली सुविधाएं युवाओं को अट्रैक्ट कर रही हैं। कविता, संगीत, कहानी सुनाना, स्टैंड-अप कॉमेडी ने इस फेस्टिवल को और भी आकर्षक बना दिया है। आज इस फेस्टिवल का उद्घाटन करते हुए, सिंघानिया स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रेवती श्रीनिवासन ने कहा, हमें ठाणेकर होने पर गर्व है क्योंकि हमारे ठाणे में जुनून प्रोग्राम हो रहा है। जुनून के ज़रिए, हम अपनी संस्कृति और अपना इतिहास लेकर आए हैं। हमारी युवा पीढ़ी, लड़के और लड़कियों के लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि ठाणे संस्कृति, विरासत और इतिहास में बहुत समृद्ध है। दरअसल आधुनिकता के साथ संस्कृति, परंपरा और विरासत का सुंदर मिश्रण हम सभी को एक बनाता है और हमारे बीच सद्भाव बनाए रखता है। तो, प्रोग्राम की आयोजक और सिद्धांत प्रतिष्ठान की प्रमोटर, साधनाताई प्रधान ने कहा कि युवा फेस्टिवल 'जुनून' के आयोजन का मकसद लोगों तक हमारे ठाणे के इतिहास को पहुंचाना था। ताजमहल से पहले, हमारे पास सेंट जॉन चर्च था, और कोपिनेश्वर मंदिर एक बड़ी इमारत है जो हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास की गवाही देती है। जब मार्को पोलो ने 1270 में अपनी किताब लिखी, तो उसमें ठाणे का ज़िक्र है। घोड़बंदर रोड का पहला ज़िक्र 650 AD में मिलता है। तो यहाँ एक बहुत ही खूबसूरत हिस्टोरिकल बैकग्राउंड है, जिसके बारे में आज के बच्चे या हम भी नहीं जानते। इसका मतलब है कि न्यू ठाणे और ओल्ड ठाणे के बीच कोई कनेक्शन नहीं है।नये दौर में न्यू ठाणे से लोग आते हैं, रात को घर जाते हैं, और सुबह उठकर वापस काम पर चले जाते हैं। इन बच्चों तक कहीं न कहीं ठाणे का इतिहास पहुँचाना ज़रूरी था, और यह 'जुनून' की ओर पहला कदम था। ऐसा करते हुए, यह महसूस हुआ कि हमारे पास सभी बच्चों को अट्रैक्ट करने के लिए एक करियर ज़ोन और करियर गाइडेंस होना चाहिए, इसीलिए यह फेस्टिवल बनाया गया है। इसके ज़रिए हम पूरे साल स्टार्टअप पेज, फाउंडर्स टेबल, रीडर्स क्लब, रनर्स क्लब एक्टिविटीज़ चलाएँगे, ताकि बच्चों को कुछ सही दिशा दिखाई जा सके।

हम चाहते हैं कि ठाणे के युवा एक साथ आएं और ठाणे को बनाएं। आज उनकी आवाज़ ठाणे में गूंजनी चाहिए, ताकि उनके आइडिया और सोच के हिसाब से उनकी आने वाली ज़िंदगी को शेप दिया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा