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नेत्रदान के बाद अमित शाह की आंखों को म्यूज़ियम में रखें- संजय राऊत

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मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन व सीजेपी के आंदोलन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेत्रदान के बाद अमित शाह की आंखों को म्यूज़ियम में रखा जाना चाहिए।

राऊत ने कहा कि दिल्ली में हुए आंदोलन में लाखों लोग शामिल हुए। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री शाह केवल आठ हजार लोगों को ही देख पाए। क्या उनकी नजर कमज़ोर हो गई है। नेत्रदान के बाद अमित शाह की आंखों को म्यूजियम में रखना चाहिए, ताकि लोगों को पता चले कि वह लाखों के मोर्चे में सिर्फ आठ हज़ार लोगों को ही देख पाए थे। उन्होंने कहा कि अमित शाह लंबे समय के बाद सामने आए।

राऊत ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में लोकतंत्र और चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। हालांकि शाह इतने लंबे समय से इन विरोध प्रदर्शनों और लोगों के गुस्से पर चुप थे। अगर शाह कह रहे हैं कि मोर्चे में सिर्फ आठ हजार लोग शामिल हुए, तो इस मार्च के लिए सड़कों पर 2.5 लाख पुलिस क्यों तैनात की गई थी? मोर्चे को लेकर डर क्यों था? उन्होंने कहा कि अमित शाह को जिम्मेदाराना बयान देना चाहिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तुरंत उनकी सेहत की जांच के लिए एक मेडिकल टीम भेजे। पूरे देश में चुनाव आयोग के खिलाफ़ लोगों में नाराज़गी है। यह आंदोलन एक बगावत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार