अंतिम चरण में ऐरोली-कटाई नाका कॉरिडोर परियोजना
मुंबई, 07 मई (हि.स.)। मुंबई महानगर क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को नई दिशा देने वाला ऐरोली-कटाई नाका मेगा कॉरिडोर प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। ‘मुंबई इन मिनट्स’ विजन को साकार करने की दिशा में अहम मानी जा रही यह परियोजना नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और बदलापुर के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगी।
हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर और डबल सुरंग से लैस इस परियोजना के शुरू होने के बाद यात्रा समय में करीब 40 मिनट तक की बचत होने की उम्मीद है, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। एमएमआरडीए के अनुसार परियोजना का दूसरा चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है, जबकि पहला चरण अंतिम दौर में है। वर्ष 2028 तक पूरे कॉरिडोर के चालू होने के बाद मुलुंड से कटाई नाका तक की दूरी कम होगी। शिलफाटा और महापे जैसे ट्रैफित जाम वाले इलाकों पर दबाव घटेगा और नवी मुंबई से बदलापुर तक का सफर पहले से कहीं अधिक तेज, आसान और निर्बाध हो जाएगा।
एमएमआरडीए के अनुसार करीब 12.71 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसमें 3 प्लस 3 लेन कैरेजवे, दोहरी सुरंग और एलिवेटेड रोड शामिल हैं। परियोजना के तहत 1.69 किमी लंबी डबल टनल बनाई जा रही है, जिसमें तीन यातायात लेन और एक आपातकालीन लेन होगी। सुरंग में अत्याधुनिक वेंटिलेशन, अग्निशमन, हाई-प्रेशर वॉटर मिस्ट सिस्टम, स्मार्ट लाइटिंग और वेरिएबल मैसेज साइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। परियोजना पूरी होने के बाद मुलुंड से कटाई नाका के बीच की दूरी 7 से 8 किलोमीटर तक कम हो जाएगी और यात्रा समय में 30 से 45 मिनट तक की बचत होगी।
इससे ऐरोली के आंतरिक मार्ग, ठाणे-बेलापुर रोड, महापे रोड, शिलफाटा जंक्शन, कल्याण फाटा और कल्याण-शिल रोड पर ट्रैफिक दबाव घटेगा। साथ ही प्रमुख औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक केंद्रों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। फेज-वन के तहत ठाणे-बेलापुर रोड से एनएच-04 तक 3.43 किमी लंबा मार्ग और 1.69 किमी लंबी दोहरी सुरंग बनाई जा रही है। इस हिस्से का सिविल कार्य 92 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं फेज-टू के तहत ऐरोली से ठाणे-बेलापुर रोड तक 2.57 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग और रैम्प्स का काम 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। फेज-थ्री के अंतर्गत एनएच-04 से कटाई नाका तक 6.71 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के भविष्य के लिए रणनीतिक निवेश बताते हुए कहा कि यह परियोजना ‘मुंबई 3.0’ विजन को मजबूती देगी और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा देगी। वहीं उपमुख्यमंत्री व एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि कॉरिडोर के शुरू होने से लोगों को 35 से 40 मिनट का समय बचेगा और नागरिकों को उनका सबसे कीमती समय वापस मिलेगा।
एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि परियोजना के चरणबद्ध उद्घाटन से नागरिकों को तैयार अधोसंरचना का लाभ जल्दी मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद लोग वास्तव में मुंबई इन मिनट्स का अनुभव कर सकेंगे। परियोजना का तीसरा और अंतिम चरण, जो एनएच-04 से कटाई नाका तक 6.71 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

