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राज्य को $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का ध्येय _वन मंत्री गणेश नाइक

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राज्य को $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का ध्येय _वन मंत्री गणेश नाइक


मुंबई,20 मार्च ( हि.स.) । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पेश किए गए बजट के ज़रिए राज्य के संपूर्ण विकास को तेज़ करने का अपना इरादा ज़ाहिर किया है, और 2027 तक महाराष्ट्र की अर्थ व्यवस्था को $5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।राज्य के वन विभाग मंत्री गणेश नाइक आज ठाणे बीजेपी के कार्यालय में राज्य के बजट पर आज आयोजित पत्रकार सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे।

वन मंत्री गणेश नाइक ने आगे कहा है कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ज़ोर दिया गया है, और ठाणे शहर में गायमुख और फाउंटेन के बीच एक सबवे बनाया जाएगा। साथ ही, पेण में तीसरी मुंबई डेवलप की जाएगी, और उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 12 लाख नौकरियां पैदा होंगी। एनर्जी सेक्टर में हर ज़िले में एमएसईबी सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 50 लाख लोगों को नौकरी के मौके मिलेंगे।

राज्य सरकार ने पर्यावरण बचाने के लिए 300 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए एक पेड़ माँ के नाम कैंपेन को भी प्रमोट किया जाएगा। साथ ही, विदर्भ, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र में जंगल की आग बुझाने के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पालघर में एशिया का दसवां सबसे बड़ा पोर्ट बनाने का एक बड़ा प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी के ठाणे जिला संपर्क मंत्री और वन मंत्री गणेश नाइक ने कहा कि यह बजट किसानों को सपोर्ट करेगा, मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद से खेती को गति देगा और महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी की ओर ले जाएगा।

पिछले साल भारी बारिश के कारण मुश्किल में फंसे किसानों का 2 लाख रुपये तक का लोन माफ किया गया है। रेगुलर लोन चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये की इंसेंटिव ग्रांट देने का भी फैसला किया गया है। एग्रीस्टैक, महावेध, क्रॉपसैप, महाDBT जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए एग्रीकल्चर सेक्टर को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।

“मुख्यमंत्री बलिराजा फ्री बिजली स्कीम” जारी रहेगी, जिसके लिए करीब 20,000 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है। “मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0” के तहत 16,000 एम डब्लू एनर्जी पैदा की जाएगी और 100% खेती के पंपों को दिन में बिजली दी जाएगी।

राज्य में पानी के सोर्स स्त्रोत की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए अलग-अलग नदी जोड़ने के योजनाओं को लागू किया जाएगा । वैनगंगा-नलगंगा, दमनगंगा-वैतरणा-गोदावरी, नार-पार-गिरना और दमनगंगा-एकदारे-गोदावरी प्रोजेक्ट के लिए हज़ारों करोड़ रुपये दिए गए हैं। साथ ही, कोल्हापुर और सांगली ज़िलों में बाढ़ कंट्रोल के लिए वर्ल्ड बैंक की मदद से प्रोजेक्ट लागू किए जाएं।

राज्य में मेट्रो नेटवर्क को 1,200 किमी तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। मुंबई से नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो, वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया मेट्रो-11, साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे फेज को मंजूरी मिल गई है। अलग-अलग एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड रोड और ग्रीनफील्ड हाईवे के जरिए ट्रांसपोर्टेशन आसान और तेज हो जाएगा।

“महाराष्ट्र अमृतकल रोड डेवलपमेंट स्कीम” के तहत हजारों किलोमीटर का रोड नेटवर्क बनाया जाएगा, और ग्रामीण इलाकों में रोड और कम्युनिकेशन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए दूर-दराज के इलाकों को जोड़ने पर जोर दिया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा