home page

अहिल्यादेवी होलकर ब्रिज का गुरुवार को लोकार्पण

 | 

मुंबई, 26 फरवरी (हि.स.)। दक्षिण मुंबई के मुंबई सेंट्रल, नागपाड़ा और ताड़देव इलाके को जोड़ने वाले नए बेलासिस ब्रिज का काम पूरा हो चुका है। इस नवनिर्मित ब्रिज का नाम बदलकर पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर रख दिया गया है। इस ब्रिज का उद्घाटन गुरुवार 26 फरवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऑनलाइन करने वाले हैं।

उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, मुंबई की महापौर रितु तावड़े, बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी सहित संबंधित मंत्री, जनप्रतिनिधी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. मुंबई सेंट्रल स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर बना 130 साल पुराने ब्रिटिश ज़माने के बेलासिस ब्रिज को खतरनाक घोषित किए जाने के बाद तोड़ दिया गया था। उस स्थान पर बीएमसी ने नए पुल का निर्माण किया है। नया ब्रिज बनाने का वर्क ऑर्डर सितंबर 2024 में दिया गया था। काम 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ था। बीएमसी ने इसका निर्माण कार्य 15 महीने और 6 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया है। निर्धारित लक्ष्य से 4 महीने पहले ब्रिज को बनाया गया है। दक्षिण मुंबई इलाके में यातायात के लिए ये अहम पुल है। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। इस ब्रिज का काम पूरा करना मुश्किल था। काम के दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ब्रिज के बनने में रुकावट डाल रहे घरों को हटाना, एक हाउसिंग सोसाइटी की बाउंड्री वॉल हटाना, हाई कोर्ट में केस जैसे मामलो से जूझना पड़ा। अब ब्रिज का काम तय समय से पहले पूरा हो गया है। ब्रिज को चालू करने के लिए लोड टेस्ट, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट, सेफ्टी सर्टिफिकेट और रेलवे डिपार्टमेंट की एनओसी मिल गई है।

नए ब्रिज की कुल लंबाई 333 मीटर है। दोनों तरफ काफी चौड़ाई का फुटपाथ बनाए गए हैं। मुंबई सेंट्रल के पूरब-पश्चिम हिस्सों नागपाड़ा और ताड़देव को जोड़ने वाला यह एक महत्वपूर्ण लिंक है। ब्रिज के दोबारा बनने से पूरब-पश्चिम में यातायात की सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी, जो दो साल से रुकी हुई थी। इससे जहांगीर बोमन बेहराम मार्ग, डॉ. दादासाहेब भडकमकर मार्ग (ग्रांट रोड), खासकर पट्ठे बापूराव मार्ग और महालक्ष्मी स्थानक ब्रिज पर ट्रैफिक की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।

मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने ब्रिटिश काल की स्मृतियों को हटाकर बेलासिस ब्रिज को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर का नाम दिए जाने पर मुख्यमंत्री फडणवीस का आभार व्यक्त किया है। लोढ़ा ब्रिज का नाम बदलने को लेकर प्रयास कर रहे थे। इससे पहले मुंबई के पुराने कार्नैक ब्रिज का नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ रखा गया था। यह नामकरण पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु के बाद भारत द्वारा की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति में किया गया था। लोढ़ा ने बताया कि कौशल विकास विभाग ने राज्य के सभी आईटीआई संस्थानों को संतों और महापुरुषों का नाम देने का निर्णय लिया है। इस पर चरणबद्ध तरीके से अमल किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार