बिना अनुमति पेड़ काटने वालों पर होगी कार्रवाई- वन मंत्री गणेश नाईक
मुंबई, 09 जुलाई (हि.स.)। बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सख्त हो गई है। वन मंत्री गणेश नाईक ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति प्रक्रिया को डिजिटाइज़ व आसान बनाते हुए पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के साथ ही राज्य के पुराने और दुर्लभ पेड़ों को बचाने को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इस प्रक्रिया में सभी कानूनी और टेक्निकल नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री नाईक गुरूवार को विधानसभा में विधायक संतोष दानवे व अन्य विधायकों द्वारा उठाए गए सवाल पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेड़ काटने की अनुमति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और आसान बनाने के लिए ज़रूरी फ़ैसले लिए हैं। 27 अप्रैल 2017 के सरकारी सर्कुलर के हिसाब से जरूरी 11 दस्तावेज को 29 अप्रैल 2026 के सरकारी करिगेंडम के हिसाब से घटाकर 5 कर दिया गया है। सरकारी और इंडस्ट्रियल परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने की अनुमति देने का समय 15 दिन कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह की घटनाओं की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी। नियमों के हिसाब से दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानून के तहत काटे गए वृक्षों की जगह नए पेड़ लगाना जरूरी है। यदि पेड़ नहीं लगाए जाते हैं, तो फ़ॉरेस्ट रेंज ऑफ़िसर और ट्री ऑफिसर को संबंधित मालिक या रहने वाले से पेड़ लगाने का खर्च वसूलने का अधिकार है। राज्य में पेड़ लगाने की प्रगति को मापने के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की अत्याधुनिक तकनीकी और मशीनरी का इस्तेमाल किया जाएगा। मराठवाड़ा समेत राज्य में पेड़ों रखरखाव के लिए खास कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी। राजस्व, आदिवासी विकास और वन विभाग के साथ मिलकर राज्य में पेड़ लगाने की बड़ी मुहिम चलाई जा रही है। सरकार कम पानी में बांस की खेती को बढ़ावा देने और उससे इथेनॉल बनाने पर भी विचार कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

