अवैध तरीके से पार्सल ले जाने वाली बसों पर होगी कार्रवाई
मुंबई, 23 जून (हि.स.)। अवैध तरीके से पार्सल का परिवहन करने वाले निजी बसों पर अब कार्रवाई होगी। महाराष्ट्र सरकार ने इस तरह के कामों में लिप्त ड्राइवरों से सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य में निजी बसों के ड्राइवर और मालिक कूरियर पार्सल या गैर-कानूनी सामान ले जाते पाए गए, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विधान सभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान शंकर जगताप व अन्य विधायकों ने इस बारे में सवाल पूछा था। इसके जवाब में मंत्री सरनाईक ने कहा कि राज्य में सामान ले जाने वाली निजी यात्री वाहनों की वायु वेग टीम नियमित जांच करती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लेकिन, अब से बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी ड्राइवरों और मालिकों के खिलाफ सीधे मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 86 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पहली बार उल्लंघन करने पर 7 से 10 दिन, दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 से 15 दिन, तीसरी बार उल्लंघन करने पर 15 से 30 दिन और चौथी बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाली गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। वायु वेग टीम के जरिए 2025-2026 में माल ढोने वाली प्राइवेट पैसेंजर बसों की कैटेगरी में 5,728 दोषी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 461.78 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। साथ ही 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक 1454 दोषी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 78.18 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
मंत्री सरनाईक ने कहा कि राज्य में कई मनपाओं की सीमा के अंदर नेशनल हाईवे पर फुटपाथ पर बसों को गैर-कानूनी तरीके से रोकने के लिए मनपा से इस ज़मीन के मालिकाना हक के बारे में जानकारी मांगी गई है। मनपा प्रशासन को भविष्य में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए अधिकृत बस स्टॉप बनाने के बारे में सूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि एसटी बसों की कोई कमी नहीं है क्योंकि महाराष्ट्र स्टेट एसटी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने 8300 बसें खरीदी हैं। अगर पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव अपने विभागों के लिए और एसटी बसों की मांग करते हैं, तो बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

