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टैंकर चलन पर शासन का जल संसाधन विभाग को निर्देश

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टैंकर चलन पर शासन का जल संसाधन विभाग को निर्देश


मुंबई,05 जुलाई ( हि.से.) । राज्य के मुख्यमंत्री दफ्तर ने पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर की 'बाढ़ से टैंकर' के बुरे चक्र पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी गई जानकारी पर ध्यान दिया है, जिसमें ठाणे और मुंबई समेत महाराष्ट्र में बढ़ती बाढ़, गर्मियों में टैंकर कल्चर और बिगड़ते वॉटर साइकिल ( जल चक्र) के खिलाफ टिकाऊ कदम उठाने की बात कही गई है, और इसे आगे की ज़रूरी कार्रवाई के लिए वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट( जल संसाधन विभाग) को भेज दिया गया है।

हर साल, मानसून के दौरान महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर बाढ़ आती है। ठाणे और मुंबई समेत कई शहरों में सड़कें, बस्तियां और पब्लिक जगहें पानी में डूब जाती हैं। दूसरी ओर, गर्मी शुरू होते ही राज्य के कई शहर और गांव टैंकरों पर निर्भर हो जाते हैं। डॉ. सिनकर ने अपने बयान में कहा है कि यह दिक्कत पानी की कमी की वजह से नहीं, बल्कि पानी बचाने, ग्राउंडवॉटर रिचार्ज ( जमीनी सतह के जल की सक्रियता) और लंबे समय की वॉटर प्लानिंग की कमी की वजह से है।

मुख्यमंत्री दफ्तर से मिले एक पत्र के मुताबिक, इस बयान को आगे की ज़रूरी कार्रवाई के लिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी (वॉटर रिसोर्स) के ऑफिस में ट्रांसफर स्थानांतर कर दिया गया है। इस बयान के नोट को राज्य में वॉटर मैनेजमेंट को ज़्यादा सस्टेनेबल( स्थिर) और पर्यावरणाकुल (एनवायरनमेंट फ्रेंडली) बनाने के लिहाज़ से ज़रूरी माना जा रहा है।

बयान में हर ज़िले के लिए एक अलग जल सुरक्षा योजना बनाने, झीलों, कुओं, झरनों, नालों और नेचुरल वॉटरवेज़( प्राकृतिक जल मार्ग)को फिर से ज़िंदा करने, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग( जल संग्रह प्रणाली) को ज़रूरी बनाने, वाटर ग्राउंड ( जमिनी स्तर के पानी ) को बढ़ावा देने, वॉटर कैचमेंट एरिया और जंगलों को बचाने और शहरों में बढ़ती कंक्रीटिंग को कंट्रोल करने जैसे एनवायरनमेंट फ्रेंडली उपायों को असरदार तरीके से लागू करने की मांग की गई है ताकि बारिश का पानी ज़मीन में जा सके।

डॉ. प्रशांत सिनकर ने कहा,- बाढ़ का पानी कोई समस्या नहीं है, बल्कि भविष्य का पानी का ज़रिया है। अगर बारिश की हर बूंद मिट्टी में बदल जाए, तभी टैंकर कल्चर पर रोक लगेगी। समय की ज़रूरत है कि राज्य में इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल वॉटर मैनेजमेंट को असरदार तरीके से लागू किया जाए, जिसमें पानी बचाने, ग्राउंडवॉटर रिचार्ज और कुदरती पानी के ज़रियों के बचाव पर ज़ोर दिया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा