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ठाणे में गैर मराठी चालकों पर सख्ती 3दिन में 89 पर कार्रवाई

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ठाणे में गैर मराठी चालकों पर सख्ती 3दिन में 89 पर कार्रवाई


मुंबई,24 अगस्त ( हि.स.) । मराठी भाषा सीखने की समय अवधि गुजर जाने के बाद अब राज्य के परिवहन विभाग ने महाराष्ट्र राज्य में रिक्शा-टैक्सी, ओला-उबर और टूरिस्ट गाड़ी चलाने वालों को मराठी आती है या नहीं इसके लिए सख्ती शुरू कर दी है।, यह चेक करने के लिए एक कैंपेन शुरू किया है। पिछले तीन दिनों में ठाणे में 1,183 गाड़ियों की जांच की गई है, और मराठी न जानने वाले 89 ड्राइवरों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह मुहिम इस बात के बारे में भी जागरूकता पैदा कर रहा है कि मराठी सीखना सिर्फ एक नियम नहीं है, बल्कि यात्रियों से आसानी से बातचीत करने का एक तरीका है।

राज्य ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने साफ निर्देश दिए हैं कि महाराष्ट्र में यात्रियों को ले जाने वाले रिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर और टूरिस्ट गाड़ी चलाने वालों के लिए मराठी का ज्ञान ज़रूरी है। दूसरे राज्यों से नौकरी के लिए महाराष्ट्र आने वाले ड्राइवर मराठी सीख सकें, इसके लिए पूरे राज्य में मराठी सिखाने की क्लास भी लगाई गईं।

इसी सिलसिले में, संबंधित विभाग ने ठाणे रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर हेमांगिनी पाटिल के मार्गदर्शन में मराठी भाषा के ज्ञान की जांच शुरू की है। पिछले तीन दिनों में, रिक्शा और टैक्सी के क्रम से 500, 355 और 328 ड्राइवरों की जांच की गई। इस परीक्षण में एक के बाद एक 31, 36 और 22 ड्राइवरों को नोटिस जारी किए गए। डिप्टी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर रोहित काटकर ने बताया कि कुल 1,183 गाड़ियों का इंस्पेक्शन किया गया और 89 ड्राइवरों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की गई।

रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर हर दिन बड़ी संख्या में यात्रियों के सीधे संपर्क में आते हैं। इसलिए, यात्रियों से लोकल भाषा में बातचीत कर पाना इस सर्विस को और आसान और भरोसेमंद बनाने में एक ज़रूरी फैक्टर है। सीनियर सिटिजन, महिलाओं और लोकल यात्रियों से बातचीत करते समय मराठी की जानकारी खास तौर पर काम आती है।

ठाणे आरटीओ अधिकारी हेमांगिनी पाटील का कहना है कि -मराठी सीखना, मतलब महाराष्ट्र की संस्कृति से जुड़ना है।जो ड्राइवर दूसरे राज्यों से नौकरी के लिए महाराष्ट्र आए हैं, उन्हें मराठी सीखने को एक ऐसे माध्यम के तौर पर देखना चाहिए जो उन्हें महाराष्ट्र की सोशल लाइफ से जोड़े, न कि सिर्फ एक नियम के तौर पर।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा