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खनन के बकाया जुर्माने के लिए ‘अभय योजना’, कमेटी का गठन

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मुंबई, 21 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार गौण खनिज खानों की गैर-कानूनी खुदाई और परिवहन के मामलों में बकाया जुर्माना वसूलने के लिए ‘अभय योजना’ शुरू करने की तैयारी कर रही है। राजस्व विभाग ने इस योजना की व्यवहारिता की जांच करने और सुझाव देने के लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी को शासनादेश जारी होने के 60 दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व विभाग ने इस बारे में बुधवार को शासनादेश जारी किया। गैर-कानूनी खनन और परिवहन के मामलों में लगाया गया दंड की वसूली कम हो रही है, इसलिए बड़े पैमाने पर रकम बकाया है। कमेटी यह अध्ययन करेगी कि क्या दंड की राशि में सहुलियत देकर एकमुश्त रकम चुकाने का मौका देना संभव है। यह कमेटी नागपुर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई गई है। यह कमेटी अभय योजना के निष्कर्ष, टर्म्स एंड कंडीशंस, लागू करने की कलावधि और प्रक्रिया के बारे में सुझाव देगी।

इस बीच 7 अगस्त 2026 को जारी अध्यादेश के अनुसार महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड के सेक्शन 48(7) में बदलाव करके प्रॉपर्टी की कीमत का दस गुना जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित योजना का मकसद बकाया दंड की रिकवरी में तेज़ी लाना, कोर्ट के झगड़ों को कम करना और ज़ब्त गाड़ियों के निपटारे को आसान बनाना है। हालांकि अभय योजना को लागू करने का आखिरी फैसला अभी नहीं लिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार