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मुंबई के खुले मैदानों को लेकर आदित्य ठाकरे की तिरंगा रैली

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मुंबई, 23 अगस्त (हि.स.)। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में रविवार को मुंबई की खुली जमीनों को बचाने की मांग को लेकर बांद्रा पश्चिम में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के ओपन स्पेस को हड़पने की साजिश चल रही है, जिसे हम कामयाब नहीं होने देंगे।

बांद्रा में नेविल डिसूजा फुटबॉल फील्ड का रिजर्वेशन बदलने से रोकने के लिए विधायक आदित्य ठाकरे की मौजूदगी में तिरंगा आंदोलन किया गया। उन्होंने कहा कि जेन जेड को स्क्रीन के बजाय मैदान में होना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फढणवीस आप मैदान कहां रख रहे हैं। मुंबई और मैदानों को बचाने के लिए सभी को अपने मतभेद भूलाकर एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम यहां यह तय करने के लिए इकट्ठा हुए हैं कि मुंबई के खुले मैदान, मनोरंजन पार्क रहने चाहिए। उन पर कंक्रीट नहीं डाला जाना चाहिए। पिछले चार वर्षों में मुंबई बदलने लगी है। पिछले चार साल में 17 से ज्यादा ग्राउंड का आरक्षण बदलकर रेजिडेंशियल या कमर्शियल बनाया गया है। साल 2017 में जब मुंबई का 2034 डेवलपमेंट प्लान बना था, तब उद्धव ठाकरे ने महापौर और नगरसेवकों से कहा था कि एक भी ग्राउंड बिल्डरों व ठेकेदारों को नहीं दिया जाना चाहिए। ग्राउंड को ग्राउंड ही रहना चाहिए।

आदित्य ने कहा कि नेविल डिसूज़ा फुटबॉल ग्राउंड का ओरिजिनल एरिया 2.58 हेक्टेयर था और यह एक खेल का मैदान था। मैदान को बचाने की लड़ाई आज से शुरू हो गई है। हमने अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को साफ किया और वहां एक फील्ड बनाया। अंधेरी का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एक ऑर्गनाइजेशन को 21 लाख प्रति वर्ष के हिसाब से दिया गया है। म्हाडा के तीन प्लॉट एक भाजपा विधायक की संस्था को मुफ्त में दिए गए हैं। हम अपने फील्ड के लिए पैसे क्यों दें। मुलुंड में भी ऐसा हो रहा है। हम मुंबई की खाली जमीनों के लिए लड़ेंगे। मैं हाई कोर्ट को धन्यवाद देता हूं कि उसने हालात की यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। इस दौरान आदित्य और मौजूद प्रदर्शनकारियों ने रेड कार्ड दिखाकर सरकार की पॉलिसी का विरोध किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार