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उत्तर मुंबई में खुलेंगे 6 कौशल विकास सेंटर, पहले सेंटर के लिए समझौता

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मुंबई, 05 सितंबर (हि.स.)। इंडस्ट्री में मैनपावर की डिमांड को देखते हुए उत्तर मुंबई में छह कौशल विकास सेंटर खोले जाएंगे। कांदिवली के ठाकुर विलेज में शनिवार को एक कौशल विकास सेंटर के लिए बीएमसी और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) के बीच समझौता किया गया। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन सेंटर के जरिए युवाओं को रोजगार देने की कोशिशें चल रही हैं।

ठाकरे विलेज में कौशल विकास सेंटर के लिए समझौते के दौरान मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी, नगरसेवक निशा पारुलेकर, दीपक (बाला) तावड़े, अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा – लवांगारे सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि बीएमसी ने ठाकुर विलेज के सेंटर के लिए एक सोशल वेलफेयर फैसिलिटी प्लॉट दिया है। इंडस्ट्री को बड़ी संख्या में स्किल्ड मैनपावर की ज़रूरत है। ऐसे में अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे मैनपावर को अपडेटेड ट्रेनिंग के जरिए रोज़गार के नए मौके मिलने चाहिए। कौशल विकास सेंटर में शाम और वीकेंड पर ट्रेनिंग क्लास उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए भी यहां मराठी भाषा की ट्रेनिंग क्लास चलाई जानी चाहिए। उत्तर मुंबई में होटल इंडस्ट्री के विस्तार को देखते हुए इस सेक्टर में ज़रूरी मैनपावर की सप्लाई के लिए भी ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उपमहापौर घाडी ने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में रोजगार के मौकों और रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए उस बारे में ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इंडस्ट्री की मांग के हिसाब से ज़्यादा स्किल्ड वर्कफोर्स उपलब्ध कराने में इन सेंटर्स की भूमिका अहम होगी। अगर इंडस्ट्री को जरूरी स्किल्ड मैनपावर समय-समय पर मिलती रहे, तो यह कदम मॉडर्न इंडिया की ओर आगे बढ़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार