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पीपीपी के जरिए एसटी की 3500 एकड़ जमीन का होगा विकास

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मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एसटी) की अतिरिक्त जमीन का कमर्शियल इस्तेमाल करके इनकम बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर एसटी की 3500 एकड़ अतिरिक्त जमीन का डेवलपमेंट किया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है।

राज्य में ST के कंट्रोल में करीब 850 जगहों पर 3500 एकड़ अतिरिक्त जमीन है। इन जमीनों को रेजिडेंशियल, नॉन-रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और दूसरे कमर्शियल कामों के लिए डेवलप किया जा सकता है। संबंधित ज़मीन को 49 साल के लीज एग्रीमेंट पर और उसके बाद 49 साल के लिए कुल 98 साल के लिए देने का प्रस्ताव है। एसटी की स्वामित्ववाली जमीनों के अलावा, ज़मीन अधिग्रहण, सरकार की तरफ़ से ट्रांसफर, लीज पर और गिफ्ट सर्टिफिकेट के ज़रिए हासिल की गई जमीनों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। हर साइट के डेवलपमेंट के लिए एक अलग टेंडर प्रोसेस करना होगा।

परियोजना के आखिरी चरण को पीपीपी नीति की कुछ प्रोसेस से छूट दी गई है। हालांकि हर अलग टेंडर के लिए मुख्यमंत्री की आखिरी मंज़ूरी ज़रूरी होगी। प्रोजेक्ट्स को लागू करने समेत ज़रूरी फैसले लेने के लिए परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में दस सदस्यों वाली एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। यह निर्णय एसटी की सरप्लस ज़मीनों का कमर्शियलाइजेशन करके कॉर्पोरेशन के लिए इनकम के नए सोर्स बनाने के लिहाज से अहम होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार